धर्मांतरण पर सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा बयान, कहा- छत्तीसगढ़ के लिए कलंक, अंतिम लड़ाई जारी

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Update: 2025-08-02 13:59 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर उठे सियासी तूफान के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि “धर्मांतरण छत्तीसगढ़ के लिए एक कलंक है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धर्मांतरण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए गंभीर है और इसके खिलाफ अंतिम लड़ाई जारी है। मुख्यमंत्री साय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में केरल की दो ननों को दुर्ग जिले से धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस
गिरफ्तारी
के बाद दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक राजनीति गरमा गई थी। विपक्ष ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए, जबकि राज्य सरकार ने कार्रवाई को पूरी तरह कानूनी बताया। हालांकि, शुक्रवार को एनआईए की विशेष अदालत ने दोनों ननों को जमानत दे दी।


जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को अब भी सभी पहलुओं की गहराई से जांच करनी होगी, लेकिन फिलहाल आरोपियों को राहत दी जाती है। सीएम साय ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में अवैध धर्मांतरण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सख्त कानून,
निगरानी
तंत्र और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार जनसंख्या के सांस्कृतिक और धार्मिक संतुलन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में धर्मांतरण को लेकर वर्षों से बहस होती रही है। पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भी यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। अब भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे पर सख्ती देखी जा रही है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है, जबकि भाजपा नेताओं और समर्थकों ने सीएम साय के रुख को साहसिक कदम करार दिया है।
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