CM साय ने गुजरात में किया ‘सीएम डैशबोर्ड’ और जन संवाद केंद्र का अवलोकन
छग
Gujarat/Raipur. गुजरात/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने गुजरात की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन उपायों और राज्य में अपनाए गए प्रशासनिक नवाचारों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग विकास मॉडल को बारीकी से समझते हुए कहा कि पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जवाबदेही से ही शासन को मजबूत बनाया जा सकता है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित “सीएम डैशबोर्ड” का अवलोकन किया।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह डैशबोर्ड राज्य की सभी योजनाओं और परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं किसी भी योजना की प्रगति, व्यय और परिणामों की तुरंत समीक्षा कर सकते हैं। साय ने इस व्यवस्था को सराहते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस तरह की तकनीकी प्रणाली लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और योजनाओं की प्रभावशीलता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा, “गुजरात में डिजिटल माध्यमों से शासन की दक्षता बढ़ाने की जो पहल की गई है, वह वास्तव में अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत है।”
जन संवाद केंद्र का भी किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने गुजरात के जन संवाद केंद्र की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र नागरिकों की शिकायतों, सुझावों और फीडबैक को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर दर्ज करता है और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से उन्हें संबंधित विभाग तक पहुंचाता है। साय ने इस प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि शासन के कामकाज में नागरिकों की सहभागिता को बढ़ाना सुशासन की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी “जन फीडबैक सिस्टम” को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित हो सके।
छत्तीसगढ़ के लिए उपयोगी होगा यह अध्ययन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गुजरात जैसे विकसित राज्य के औद्योगिक और प्रशासनिक मॉडल का अध्ययन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि “गुजरात में जिस तरह उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारदर्शी शासन और तकनीकी निगरानी को जोड़ा गया है, वही दृष्टिकोण अब छत्तीसगढ़ में भी अपनाया जाएगा।” साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गुजरात मॉडल से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और उसका विश्लेषण कर छत्तीसगढ़ में उसकी व्यवहार्यता का अध्ययन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने से प्रदेश में शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी बनेगी।