Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल 2 से 4 दिन के लिए सिंगापूर की यात्रा के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 अक्टूबर को सिंगापुर यात्रा के लिए रवाना होंगे। इस विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंगापुर के उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा छत्तीसगढ़ में निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को सामने रखेंगे। विभिन्न प्रकाशित कार्यक्रमों में यात्रा की अवधि 2 से 7 अक्टूबर अथवा 3 से 6 अक्टूबर तक बताई गई है, जबकि 5 अक्टूबर को सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम में उनकी भागीदारी प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री साय गुरुवार को नई दिल्ली में महानदी जल विवाद को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। महानदी के जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। केंद्र सरकार दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में प्रयास कर रही है। इससे पहले 30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ बैठक हुई थी।

दिल्ली के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का सिंगापुर दौरा राज्य की निवेश रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमताओं, प्राकृतिक संसाधनों, अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समुदाय के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री निवेशकों से सीधे संवाद कर राज्य में नई औद्योगिक परियोजनाओं और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सिंगापुर में आयोजित होने वाले SING Forum 2026 में भारत और सिंगापुर के सरकारी प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के लोगों, निवेशकों और कारोबारी संस्थाओं के बीच निवेश तथा साझेदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री साय इस मंच पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले हैं।

राज्य सरकार का फोकस विनिर्माण, तकनीक, परिवहन, औद्योगिक विस्तार और अन्य संभावित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर रहेगा। सिंगापुर के निवेशकों और उद्योगपतियों के सामने छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं की जानकारी रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे से राज्य में विदेशी निवेश और नई औद्योगिक साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। सिंगापुर में होने वाली बैठकों और कारोबारी संवाद के बाद निवेश प्रस्तावों तथा संभावित परियोजनाओं को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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