CG: निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से 6वीं के छात्र की मौत

छग

Update: 2026-01-08 13:57 GMT
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में छठवीं कक्षा के छात्र की जान चली गई। वाड्रफनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्कूल परिसर में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक छात्र की पहचान आलोक कुमार देवांगन (12 वर्ष) के रूप में हुई है, जो शारदापुर गांव का निवासी था। आलोक माध्यमिक शाला खुटहन में कक्षा 6वीं का छात्र था। उसके पिता रमेश देवांगन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गुरुवार को आलोक रोजाना की तरह स्कूल गया था।

जानकारी के अनुसार, घटना मध्यान्ह भोजन अवकाश के दौरान हुई। भोजन के बाद बच्चे स्कूल परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान कुछ छात्र खेलते-खेलते स्कूल परिसर में ही निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे आलोक भी वहां चला गया। खेल के दौरान आलोक को पेशाब लगी और वह निर्माणाधीन भवन के छज्जे के नीचे खड़ा होकर यूरीन करने लगा। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा। भारी मलबे के नीचे दबने से आलोक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी आवाज सुनकर मौके पर मौजूद शिक्षक और अन्य बच्चे दौड़कर वहां पहुंचे। शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से किसी तरह छज्जा हटाया गया और आलोक को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद आलोक को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही वाड्रफनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि पूरे मामले की जांच एसडीओपी द्वारा की जा रही है। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे को लेकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी निजामुद्दीन खान ने कहा कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से बच्चे की मौत हुई है।

यह बेहद गंभीर मामला है। इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जानकारी मिली है। जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में निर्माण कार्य के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय की शिक्षिका पूजा गुप्ता ने बताया कि बच्चों ने दौड़कर आकर घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद सभी शिक्षक मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह हादसा स्कूल परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। निर्माणाधीन भवन के आसपास न तो कोई बेरिकेटिंग थी और न ही बच्चों की आवाजाही रोकने के लिए कोई ठोस इंतजाम। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। वहीं, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
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