Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के सेक्टर-6 में शनिवार शाम एक जर्जर पानी टंकी पर चढ़ाई करने के दौरान दो युवकों की जान को खतरा पैदा हो गया। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि दूसरा टंकी पर फंस गया। पुलिस, डायल 112 और SDRF की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और दोनों युवकों को सुरक्षित बचाया। पुलिस के अनुसार, निजी कॉलेज में बीबीए तृतीय सेमेस्टर का छात्र अक्षत कुमार प्रसाद (21) और उसका मित्र सुमित भक्त (19) मस्ती के लिए सेक्टर-6 स्थित पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी टंकी पर चढ़ गए थे। दोनों टंकी के ऊपर समय बिता रहे थे, लेकिन उतरते समय टंकी की जंग लगी लोहे की सीढ़ी अचानक टूट गई।
इस हादसे में अक्षत कुमार प्रसाद संतुलन खोकर नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके हाथ और पैर में गहरी चोटें आई हैं। वहीं उसका मित्र सुमित भक्त टंकी के ऊपर फंस गया और नीचे आने में असमर्थ रहा। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और भिलाई नगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। घायल अक्षत को सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और गंभीर चोटों का इलाज शुरू कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को भी दी। टंकी पर फंसे सुमित भक्त को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए SDRF दुर्ग की टीम बुलाई गई। विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की मदद से लगभग आधे घंटे की कठिन मशक्कत के बाद सुमित को सुरक्षित नीचे उतार लिया। पुलिस ने बताया कि पानी टंकी की स्थिति काफी खराब है और इस पर चढ़ना अत्यंत खतरनाक है। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों युवक केवल मस्ती के उद्देश्य से टंकी पर चढ़ गए थे।
घटना के दौरान छात्र अक्षत कुमार प्रसाद एलआईजी-76, कैलाश नगर जामुल का रहने वाला है, जबकि सुमित भक्त मैत्री कुंज, रिसाली का निवासी है। पुलिस अब सुमित भक्त से विस्तृत पूछताछ कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी टंकी काफी पुरानी और जर्जर है, और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन और नगर निगम को इस टंकी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जर्जर या संरचनात्मक रूप से कमजोर जगहों पर किसी भी प्रकार की चढ़ाई या मस्ती न करें, क्योंकि इससे गंभीर चोट या जान का खतरा हो सकता है। SDRF और पुलिस की तत्परता से दोनों युवकों की जान बचाई जा सकी, अन्यथा हादसा और भी गंभीर हो सकता था। यह घटना एक चेतावनी है कि पुरानी और कमजोर संरचनाओं की देखरेख और सुरक्षा उपाय समय पर सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों और युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बना रहे।