Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम नदी से अवैध रूप से रेत निकालने के दौरान एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा-डंगनिया में हुई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय महेंद्र कश्यप के रूप में हुई है, जो ग्राम खैरा-डंगनिया का निवासी था और रोजी-मजदूरी करता था। मिली जानकारी के अनुसार, महेंद्र कश्यप स्थानीय नदी से रेत निकालने के लिए ट्रैक्टर लेकर गया था। वहां कुछ श्रमिकों ने ट्रैक्टर की ट्राली पर रेत भरी। रेत भरने के बाद महेंद्र कश्यप ट्रैक्टर लेकर गांव की ओर लौट रहा था। इसी दौरान नदी से ट्रैक्टर निकालते समय चढ़ाई पर ट्रैक्टर की रफ्तार अधिक होने के कारण वह इंजन से गिर गया और ट्रैक्टर के पहियों के नीचे दब गया।
हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। श्रमिकों ने तुरंत महेंद्र के परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सीपत पुलिस को सूचित किया। पुलिस की टीम घटना स्थल पर पहुंची और रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। बुधवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम पूरा किया गया। पुलिस ने बताया कि अब जांच के दौरान मृतक के साथियों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा अवैध रेत खनन और ट्रैक्टर की अधिक रफ्तार के कारण हुआ। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रेत उत्खनन में कोई अन्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी से रेत निकालना क्षेत्र में आम बात है, लेकिन अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और अवैध रेत खनन की समस्या पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस हादसे के बाद प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदी किनारे अवैध रेत उत्खनन पर नजर रखी जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ। ग्रामीणों को भी आगाह किया गया है कि नदी से रेत निकालते समय उचित सुरक्षा उपाय अपनाएँ और अवैध गतिविधियों से दूर रहें। महेंद्र कश्यप की मौत से परिजनों और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार का कहना है कि महेंद्र अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए मेहनत कर रहा था और अचानक इस तरह की दुर्घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मृतक के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।