CG: जंगली हाथी का हमला, मजदूर का पैर कुचला, हालत नाजुक
मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर
Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मानव-हाथी संघर्ष का मामला सामने आया है। सूरजपुर वन मंडल के कल्याणपुर बीट में मंगलवार सुबह एक जंगली हाथी ने जंगल किनारे शौच के लिए गए मजदूर पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथी ने उसे पटकने के बाद उसके बाएं पैर को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे पैर की हड्डियां चकनाचूर हो गई। घटना के बाद घायल मजदूर को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घायल मजदूर की पहचान सुंदरपाल पिता गोपाल के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में सूरजपुर जिले के कल्याणपुर स्थित एक गुड़ फैक्ट्री में मजदूरी करता है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सुंदरपाल रोज की तरह शौच के लिए जंगल किनारे गया था। इसी दौरान कल्याणपुर बीट के कक्ष क्रमांक पी-2572 में मौजूद हाथी ने अचानक उस पर हमला कर दिया। मजदूर कुछ समझ पाता, इससे पहले ही हाथी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और पटक दिया। इसके बाद हाथी ने उसके पैर को कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद डिप्टी रेंजर हेमलाल साहू सहित वन अमला और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा। वन विभाग की टीम ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और उसे तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अखोरा बीट क्षेत्र से आए दो हाथी पिछले तीन दिनों से कल्याणपुर इलाके में घूम रहे थे। हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग और हाथी मित्र दल लगातार नजर रख रहे थे। ग्रामीणों को भी जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की सलाह दी जा रही थी।
बताया गया कि सोमवार रात हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया था, लेकिन मंगलवार तड़के एक हाथी दोबारा कल्याणपुर क्षेत्र में पहुंच गया। इसी दौरान जंगल किनारे गए मजदूर पर उसने हमला कर दिया। घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। कल्याणपुर, हरिजनपारा, घाघीटिकरा सहित आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है, ताकि आगे किसी तरह की जनहानि न हो।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। खासकर जंगल में खुखड़ी-पुटू बीनने, लकड़ी लेने और मवेशी चराने के लिए नहीं जाएं। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों के विचरण क्षेत्र में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि अचानक आमना-सामना होने पर ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। वन विभाग ने घायल मजदूर को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम करने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।