Mahasamund. महासमुंद। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार और जिला अभिहित अधिकारी उमेश कुमार के मार्गदर्शन में जिले में बिक रहे फूटा चना और मटर में अखाद्य रंगों की मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त जांच कार्रवाई की। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान सरायपाली स्थित नव दुर्गा ट्रेडर्स, बागबाहरा के अम्बे ट्रेडर्स और महासमुंद के राम चना मुर्रा उद्योग से रोस्टेड चना के खाद्य नमूने संग्रहित किए। ये नमूने खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में भेजे गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नमूनों में औरामाइन ओ या अन्य अखाद्य रंग शामिल नहीं हैं।

जांच के दौरान राम चना मुर्रा उद्योग में विक्रय के लिए रखे गए लगभग 1500 किलोग्राम रोस्टेड चना को सीज किया गया। विभाग ने बताया कि खाद्य नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारीयों ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अखाद्य या हानिकारक मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अखाद्य रंगों की रोकथाम नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि जिले में खाद्य उत्पादकों और विक्रेताओं द्वारा बेचे जा रहे चना और मटर सुरक्षित और उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक हों। खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि यदि उन्हें खाद्य पदार्थों में संदिग्ध मिलावट या अशुद्धता नजर आए तो वे तुरंत विभाग को सूचना दें। यह कदम जिले में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध और हानिकारक खाद्य सामग्री के विक्रय को रोकने के लिए उठाया गया है। इस अभियान से यह संदेश गया है कि खाद्य एवं औषधि विभाग किसी भी प्रकार की खाद्य मिलावट और उपभोक्ता स्वास्थ्य के खिलाफ अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। आगामी दिनों में विभाग द्वारा और भी सख्त निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
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