Dhamtari. धमतरी। धमतरी जिले में यातायात पुलिस ने असहनीय ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 50 साइलेंसर सड़क पर ले जाकर रोडरोलर और बुलडोजर के माध्यम से तोड़ डाला। यह कार्रवाई ऐसे वाहनों पर की गई जो अत्यधिक शोर और ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न कर रहे थे, जिससे बुजुर्ग और मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता था।
घटना का विवरण
धमतरी ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जिले में लगातार अत्यधिक ध्वनि वाले साइलेंसर लगाए गए वाहनों की निगरानी की जा रही थी। उन वाहनों पर समय-समय पर जुर्माना और जप्ती की कार्रवाई होती रही। शनिवार को निर्धारित स्थान पर इन साइलेंसरों को लाकर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उन्हें नष्ट किया गया।
पुलिस अधिकारी का बयान
डीएसपी मोनिका मरावी ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी वाहन अत्यधिक शोर वाले साइलेंसर लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वाहन मालिक केवल कंपनी द्वारा प्रमाणित और मानक साइलेंसर का उपयोग करें, ताकि न केवल वह सुरक्षित रहें, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर असर
अत्यधिक ध्वनि वाले साइलेंसर बुजुर्ग, बच्चों और मरीजों के लिए खतरे का कारण बनते हैं। लंबे समय तक तेज शोर के संपर्क में रहने से तनाव, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य यही है कि जिले में सामान्य जीवन और स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
सड़क सुरक्षा और नियम
यातायात पुलिस ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक संदेश के रूप में पेश किया है। सभी वाहन मालिकों को यह चेतावनी दी गई है कि यदि उनके वाहन में उच्च ध्वनि वाले साइलेंसर पाए गए, तो जुर्माना, जप्ती और साइलेंसर नष्ट करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी मोनिका मरावी ने लोगों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने वाहनों के साइलेंसर को मानक और सुरक्षित उपकरणों से बदलें। यह न केवल कानूनी कार्रवाई से बचने का तरीका है, बल्कि यह सभी के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने का उपाय भी है।