CG: ऑनलाइन गेमिंग से म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन गेमिंग में अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर और मोहन नगर पुलिस ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी बैंक खातों का दुरुपयोग कर रहे थे।
शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत तब हुई जब भिलाई के हुडको निवासी अविनाश दुबे (27 वर्ष) ने 30 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख रहे हैं और इन खातों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग में अवैध लेन-देन कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 7/25 और थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 566/2025 के तहत बीएनएस और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच से खुलासा
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच की, जिसमें कई संदिग्ध खातों की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी लोग लालच या कमीशन के बदले अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और दस्तावेज गिरोह को उपलब्ध कराते थे, जिन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करते हुए सभी 11 आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
जप्त सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री जप्त की:
08 नग मोबाइल फोन
विभिन्न बैंक खातों से जुड़े एटीएम कार्ड
आधार कार्ड, पैन कार्ड
बैंक दस्तावेज
ये सभी सामग्री अवैध लेन-देन में उपयोग की जा रही थी।
पुलिस की चेतावनी और अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, ओटीपी या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन गेमिंग या त्वरित कमाई के लालच में अपने बैंक खाते देना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध पर सख्ती
इस कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर और मोहन नगर पुलिस के साथ-साथ साइबर समन्वय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।