Bilaspur. बिलासपुर। जिले में एक युवक के साथ चलती ट्रेन में मोबाइल चोरी और उसके जरिए बैंक खाते से पैसे निकालने का मामला सामने आया है। चोरों ने मोबाइल हाथ लगते ही उसमें एक्टिव यूपीआई का इस्तेमाल कर 77 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए, जिससे युवक को कुल मिलाकर करीब 87 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार उसलापुर निवासी जयशंकर कश्यप (38) अपने परिवार के साथ 3 अप्रैल को मध्यप्रदेश के मैहर स्थित Sharda Temple Maihar में देवी दर्शन के लिए गए थे। पूजा-अर्चना के बाद 5 अप्रैल को वे ट्रेन से वापस बिलासपुर लौट रहे थे। इसी दौरान यात्रा के समय उनका मोबाइल चोरी हो गया, जिसकी जानकारी उन्हें उसलापुर स्टेशन पहुंचने पर हुई।
शुरुआत में युवक को केवल मोबाइल चोरी होने का अंदेशा था, लेकिन असली नुकसान का पता बाद में चला। उन्होंने नया मोबाइल लेकर अपना सिम कार्ड चालू किया, जिसके तुरंत बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकलने के मैसेज मिलने लगे। इससे साफ हुआ कि चोरों ने मोबाइल मिलने के बाद उसमें मौजूद यूपीआई ऐप का इस्तेमाल कर खाते से रकम ट्रांसफर कर ली। युवक के अनुसार मोबाइल की कीमत करीब 10 हजार रुपये थी, जबकि खाते से 77 हजार रुपये निकाले गए, जिससे कुल नुकसान 87 हजार रुपये तक पहुंच गया। घटना के बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने बताया कि चोरी की घटना मध्यप्रदेश में हुई है, इसलिए संबंधित क्षेत्राधिकार के कारण एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। हालांकि पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
इस बीच युवक ने साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज कराई। कार्रवाई करते हुए एसीसीयू टीम ने तेजी दिखाई और अलग-अलग वॉलेट में भेजे गए करीब 43 हजार रुपये को होल्ड करा दिया। हालांकि बाकी रकम ठग निकालने में सफल रहे। पुलिस अब सिम नंबर, मोबाइल के आईएमईआई और यूपीआई ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के मामलों में समय पर सूचना देना बेहद जरूरी होता है, जिससे ट्रांजेक्शन को रोका जा सके। मोबाइल चोरी होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराना और बैंक को सूचना देना जरूरी है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। इस घटना के बाद पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन यात्रा के दौरान अपने मोबाइल और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। साथ ही मोबाइल में यूपीआई या बैंकिंग ऐप का उपयोग करते समय सुरक्षा फीचर्स जैसे पासकोड और बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल जरूर करें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है। यह घटना एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को उजागर करती है।