Khairagarh. खैरागढ़। जिले की साइबर क्राइम शाखा ने हाल ही में एक बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, खैरागढ़ शाखा में मौजूद तीन खातों में ₹8,65,16,376 के संदिग्ध लेनदेन का पता लगाया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यज्ञदत्त यादव (29), भोजराम वर्मा (29) और नारद रजक (28) नाम के युवक अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
इसके बदले में उन्हें मामूली कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया और पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। साइबर क्राइम शाखा अब पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुँचने और यह पता लगाने में जुटी है कि कितने लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं।
साइबर ठगी से बचाव के आसान उपाय
विशेषज्ञों ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। बचाव के कुछ सरल उपाय निम्न हैं:
व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें: अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, पिन या केवाईसी विवरण कभी भी किसी के साथ साझा न करें।
संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहें: यदि कोई व्यक्ति पैसे कमाने, कमीशन देने या खाते का इस्तेमाल करने की बात करे, तो उसे तुरंत नकार दें और ब्लॉक कर दें।
बैंक और सरकारी संस्थान से सतर्क रहें: बैंक और सरकारी संस्थान कभी भी सीधे ओटीपी या खाता नंबर नहीं मांगते।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें: किसी भी ठगी या संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
साइबर क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन में सतर्कता बरतना सबसे बड़ा बचाव है। इस कार्रवाई से खैरागढ़ जिले में साइबर ठगी के मामलों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन लेनदेन के मामलों में तुरंत सतर्क रहें और उचित अधिकारियों को सूचना दें। इस गिरफ्तारी से जिले में साइबर ठगों के हौसले को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है।