Durg. दुर्ग। पुलिस महानिरीक्षक (IG) दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग की अध्यक्षता में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की समीक्षा बैठक आज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभागार कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में दुर्ग रेंज के एएनटीएफ नोडल अधिकारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य रेंज स्तर पर बढ़ती नशा तस्करी को रोकने, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने और जनजागरूकता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित रहा।
नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई और वाहनों की जब्ती का आदेश
बैठक के दौरान IG गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को जब्त कर राजसात करने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मानस पोर्टल हेल्पलाइन 1933 का प्रचार-प्रसार
उन्होंने मानस पोर्टल हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि आम नागरिक नशे से संबंधित शिकायतें तुरंत दर्ज करा सकें। IG ने कहा कि शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई हो।
जागरूकता कार्यक्रमों में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी
IG गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए ब्रह्मकुमारी संस्था और अन्य सामाजिक संगठनों की मदद ली जाए। इसके माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून से नहीं बल्कि समाज की भागीदारी और जागरूकता से ही खत्म हो सकती है।
ऑनलाइन नशा कारोबार पर निगरानी
बैठक में ऑनलाइन माध्यम से मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने और सफेमा (SAFEMA) के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। IG ने कहा कि विवेचना को एंड-टू-एंड किया जाए ताकि अपराधियों को सजा सुनिश्चित हो सके।
नशा समाज और युवा पीढ़ी दोनों के लिए खतरा
बैठक के अंत में IG गर्ग ने कहा कि नशा समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है और युवा पीढ़ी का भविष्य नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियानों को भी लगातार संचालित करेगा। इसके लिए आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।