CG BREAKING: स्टेट GST की बड़ी कार्रवाई, 27 करोड़ रुपए किया सरेंडर

छग

Update: 2025-12-13 16:49 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्टेट जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर में तीन प्रमुख कोल कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में महावीर कोल वाशरी, फिल कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड और पारस पावर एंड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान इन कारोबारियों ने लगभग 27 करोड़ रुपये जीएसटी राशि सरेंडर की है, जिससे विभाग की कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तीनों कंपनियों के परिसरों पर स्टेट जीएसटी की टीम ने एक साथ दबिश दी। जांच के दौरान लेनदेन, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, इनवॉयस, ई-वे बिल और बैंकिंग दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभी जांच जारी है और आने वाले समय में जीएसटी चोरी की राशि और बढ़ सकती है।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, महावीर कोल वाशरी ने अकेले ही करीब 10 करोड़ रुपये जीएसटी राशि सरेंडर की है। यह कंपनी खास तौर पर इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि इसका संबंध अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के ससुराल से बताया जा रहा है। इस कनेक्शन के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है। स्टेट जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में टैक्स देनदारी छिपाने, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने और दस्तावेजों में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर कारोबारियों से सरेंडर कराया गया है। हालांकि, विभागीय अधिकारी अभी किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच की बात कह रहे हैं।

कंपनियों के निदेशकों और प्रमुख पदाधिकारियों की बात करें तो महावीर कोल वाशरीज में विशाल कुमार जैन (डायरेक्टर), अरविंद कुमार जैन (डायरेक्टर), विकास कुमार जैन (सीईओ-केएमपी), ऋचा पाहवा (कंपनी सेक्रेटरी) और विनोद कुमार जैन (होल-टाइम डायरेक्टर) शामिल हैं। वहीं, फिल कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड में ललित कुमार झा, प्रवीण चंद्र झा और प्रदीप चंद्र झा निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। इसी तरह पारस पावर एंड कोल बेनिफिकेशन लिमिटेड में राहुल शुक्ला, प्रशांत कुमार जैन, सतेंद्र कुमार जैन और संदीप कुमार जैन बतौर डायरेक्टर जुड़े हुए हैं। स्टेट जीएसटी की टीम इन सभी कंपनियों के आपसी लेनदेन और कोल कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में
कोल कारोबार
से जुड़े मामलों में टैक्स चोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल स्टेट जीएसटी की कार्रवाई जारी है और विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का और बड़ा खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई से कोल कारोबार से जुड़े अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया है।
Tags:    

Similar News