CG BREAKING: 50 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण के लिए तैयार!

छग

Update: 2025-10-22 18:27 GMT
Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के बस्तर और उत्तर बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार लगभग 50 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं, जिनमें 40 लाख रुपये का ईनामी नक्सली रामधेर भी शामिल है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों ने बताया कि नक्सली महला कैंप में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो यह नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
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कुछ महीनों में बस्तर में नक्सली गतिविधियों में कमी देखी गई है, और यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और स्थानीय समुदाय के सहयोग का नतीजा माना जा रहा है। यह आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित करने में मदद करेगा। इससे न केवल क्षेत्र में हिंसा की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने का अवसर भी मिलेगा।


पिछले सामूहिक आत्मसमर्पण का उल्लेख
कुछ दिन पहले, 17 अक्टूबर 2025 को बस्तर पुलिस लाइन ग्राउंड में 210 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों का फूलों और संविधान की पुस्तक के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री सीएम साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी इस अवसर पर शामिल होकर नक्सलियों का स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ माओवादी नेताओं सहित केंद्रीय समिति सदस्य रुपेश उर्फ सतीश, भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनिता, राजू सलाम, धन्नू वेट्टी उर्फ संतू और क्षेत्रीय समिति सदस्य रतन एलम ने भी आत्मसमर्पण किया। उन्होंने सुरक्षा बलों को कुल 153 हथियार सौंपे थे। इन हथियारों में 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS, 1 INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन और 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शामिल थे। यह आत्मसमर्पण न केवल बस्तर में नक्सलियों की संख्या में कमी लाने वाला था, बल्कि इसे नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।


संभावित आत्मसमर्पण का महत्व
उत्तर बस्तर के नक्सलियों का यह संभावित आत्मसमर्पण बस्तर में लंबे समय से चली आ रही हिंसा को कम करने और समाज की मुख्यधारा में लौटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रशासन और सुरक्षा बल इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं ताकि आत्मसमर्पण सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से हो। इस कदम से न केवल सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी रणनीतियों को सुदृढ़ करने का अवसर मिलेगा, बल्कि नक्सलियों के लिए भी समाज में सम्मान और पुनर्वास की संभावना बढ़ेगी। ऐसे आत्मसमर्पण कार्यक्रम से स्थानीय युवाओं में हिंसा से दूर रहने और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में नक्सली गतिविधियों में कमी ने उनके जीवन में
सुरक्षा
का भाव पैदा किया है। यदि 50 से अधिक नक्सली और ईनामी रामधेर का आत्मसमर्पण होता है, तो यह बस्तर और उत्तर बस्तर के लिए स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रशासन ने सुरक्षा बलों को सतर्क रहने और आत्मसमर्पण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नक्सलियों को पुनर्वास और आर्थिक सहयोग मिल सके, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में वापस आ सकें। इस प्रकार, बस्तर और उत्तर बस्तर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावित खबर ने न केवल स्थानीय लोगों में उत्साह और उम्मीद पैदा की है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
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