Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के परीवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) की नई पदस्थापनाओं का आदेश जारी कर दिया है। राज्य शासन द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण आदेश में 12 माह के जिला व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए कुल आठ अधिकारियों को नए जिलों में भेजा गया है। गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार कई अधिकारी अपने वर्तमान जिला मुख्यालयों से स्थानांतरित होकर नए जिलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। नई पदस्थापना सूची के अनुसार, सुमन जायसवाल को जांजगीर-चांपा से राजनांदगांव के लिए आदेशित किया गया है।
यह बदलाव जिला स्तरीय कानून-व्यवस्था संचालन और पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव को और मजबूत करने की मंशा से किया गया है। वहीं आकाश चौधरी, जो अब तक बस्तर में पदस्थ थे, उन्हें जिला प्रशिक्षण के लिए बिलासपुर भेजा गया है। इसी क्रम में दानेश्वर प्रसाद साहू को मुंगेली से दुर्ग स्थानांतरित किया गया है। दुर्ग जिला पुलिस व्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह प्रशिक्षण उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निशांत कुर्रे को बिलासपुर से अंबिकापुर भेजा गया है, जहां उन्हें सरगुजा संभाग की भौगोलिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों में कार्य का अनुभव प्राप्त होगा।
अजय कुमार नागवंशी, जो इस समय बस्तर में परीवीक्षाधीन प्रशिक्षण पर थे, उन्हें नई सूची में रायगढ़ पदस्थ किया गया है, जहां उन्हें औद्योगिक सुरक्षा और जिले की जटिल कानून व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां समझने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा अमित कोसमा को कांकेर से रायपुर स्थानांतरित किया गया है। राजधानी में प्रशिक्षण उन्हें प्रशासनिक प्रबंधन, ट्रैफिक सिस्टम, वीवीआईपी ड्यूटी और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। इसी सूची में सुमित चंद्रा को कोरबा से बस्तर भेजा गया है। बस्तर जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पुलिसिंग चुनौतियों वाला क्षेत्र है।
जहां यह प्रशिक्षण उनके भविष्य के करियर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। सरकार का उद्देश्य इन पदस्थापना आदेशों के माध्यम से युवा पुलिस अधिकारियों को मैदान स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों में कार्य का अनुभव दिलाना है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि अलग-अलग जिलों में किए जाने वाले ऐसे प्रशिक्षणों से अधिकारी व्यावहारिक कौशल, नेतृत्व क्षमता और जटिल परिस्थितियों को संभालने की दक्षता विकसित करते हैं। जारी आदेश के साथ ही सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए जिलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रशिक्षण अवधि भविष्य में होने वाली नियमित पदस्थापनाओं और पदोन्नतियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।