Mungeli. मुंगेली। मुंगेली जिले में स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जरहागांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ₹5000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में थाना जरहागांव पुलिस टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मामला थाना जरहागांव में दर्ज अपराध क्रमांक 176/2024 से संबंधित है, जिसमें धारा 137(2), 65(1) बीएनएस तथा धारा 4 एवं 6 पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। यह घटना 26 सितंबर 2024 की बताई जा रही है, जब ग्राम छोटे बरेला निवासी प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता और परिजनों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान रूपेश उर्फ पप्पू निर्मलकर के रूप में की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बाद में उसे हैदराबाद ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल परीक्षण सहित सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचता आ रहा था। इसके चलते माननीय सत्र न्यायालय मुंगेली द्वारा आरोपी के विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया था। साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹5000 का इनाम भी घोषित किया गया था। लगातार तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने निवास स्थान ग्राम टिकरीपारा, तखतपुर (जिला बिलासपुर) में छिपा हुआ है। इस सूचना पर थाना जरहागांव पुलिस टीम ने 26 अप्रैल 2026 को दबिश देकर आरोपी रूपेश निर्मलकर उर्फ पप्पू (उम्र 22 वर्ष) को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक शोभा यादव, थाना प्रभारी जरहागांव, आरक्षक उमेश सोनवानी, आरक्षक रोहित पटेल सहित पूरी थाना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में कानून से बचना संभव नहीं होगा। इस कार्रवाई को पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।