Bilaspur. बिलासपुर। राजकिशोर नगर में छह महीने पहले घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार देर शाम पुलिस ने तीन आरोपियो जसबीर सिंह, यश तिवारी और सुदीप डे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। वहीं चौथे आरोपी उत्कर्ष श्रीवास्तव को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर रिहा किया गया है। यह मामला 23 फरवरी 2025 का है, जिसकी शिकायत प्रार्थी जी. श्रीनिवास राव ने पुलिस में दर्ज कराई थी।
रजिस्ट्री विवाद सेStarted पूरा मामला
प्रार्थी श्रीनिवास राव ने रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी जसबीर सिंह ने धोखे से उसके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली थी, जिसे लेकर मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। घटना वाले दिन, यानी 23 फरवरी, आरोपी जसबीर अपने साथियों सुदीप डे, यश तिवारी और उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ उसके घर पर पहुंचा और जबरन भीतर घुस गया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने मकान खाली कराने के लिए दबाव बनाया। गाली-गलौज की घर के सामान को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। और परिवार को धमकाया। इस घटना के बाद चारों आरोपी फरार हो गए थे।
पुलिस ने छह महीने तक तलाश की, फिर मिली लोकेशन घटना के बाद सरकंडा पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में थी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी जा रही थी। लगभग छह माह बाद 25 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी फिर से राजकिशोर नगर इलाके में देखे गए हैं। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र जायसवाल, सीएसपी निमितेश सिंह और थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में एक टीम रवाना की गई। पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर सभी संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपी जसबीर सिंह, यश तिवारी और सुदीप डे पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
एक आरोपी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर रिहा
चौथे आरोपी उत्कर्ष श्रीवास्तव पर पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ की। उसमें पता चला कि उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह स्थायी रूप से भागने की स्थिति में भी नहीं था। उसके खिलाफ कोई गंभीर अपराध का इतिहास नहीं मिला। इस आधार पर पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के Arnesh Kumar vs State of Bihar केस में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए। उत्कर्ष को धारा 41A के तहत नोटिस देकर रिहा कर दिया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय में पेश कर दिया। मामले की अगली सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। सरकंडा पुलिस ने बताया कि मकान विवाद, जबरन घुसपैठ और तोड़फोड़ जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई है।