छत्तीसगढ़ में जनगणना की तारीख घोषित, अधिसूचना जारी; जानें पूरा शेड्यूल
5 मार्च तक चलेगी प्रक्रिया
रायपुर : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित जनसंख्या जनगणना कार्यक्रम को प्रदेश में पुनः प्रकाशित किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। इसके बाद 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। खास बात यह है कि नागरिकों को जनगणना से पहले स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा। नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इसमें भारत सरकार के गृह मंत्रालय की 30 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना को पुनः प्रकाशित किया गया है।
25 जनवरी से शुरू होगी घर-घर जनगणना
अधिसूचना के अनुसार, जनसंख्या जनगणना का कार्य 25 जनवरी 2027 से शुरू होगा और 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। इस अवधि में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जनगणना का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार घर-घर जाकर जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी। इससे पहले नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे निर्धारित अवधि में अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
10 जनवरी से मिलेगा स्व-गणना का विकल्प
जनगणना कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था स्व-गणना है। अधिसूचना के मुताबिक 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया जाएगा। यह अवधि घर-घर जनसंख्या गणना शुरू होने से ठीक पहले निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के तहत नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। हालांकि, जारी अधिसूचना के दिए गए अंश में स्व-गणना के पोर्टल या तकनीकी प्रक्रिया का विवरण नहीं है।
1 मार्च से 5 मार्च तक होगा पुनरीक्षण
घर-घर जनसंख्या गणना पूरी होने के बाद 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। इस तरह जनसंख्या गणना, स्व-गणना और पुनरीक्षण के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं। अधिसूचना में जनगणना की संदर्भ तारीख भी तय की गई है। इसके अनुसार मार्च 2027 के पहले दिन यानी 1 मार्च को रात 12 बजे (00:00 बजे) की स्थिति जनगणना के लिए संदर्भ समय होगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पुनः प्रकाशित की केंद्र की अधिसूचना
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इसमें जनगणना नियम, 1990 के नियम 8(iii) के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना क्रमांक का.आ. 5913(अ), दिनांक 30 अक्टूबर 2026, को सामान्य जानकारी के लिए पुनः प्रकाशित किया गया है। केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के संबंधित प्रावधानों के तहत यह कार्यक्रम घोषित किया है। केंद्रीय अधिसूचना भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के नाम से जारी की गई है।
कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था
केंद्रीय अधिसूचना के अनुसार, घोषित कार्यक्रम सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए समान रूप से लागू नहीं है। इसमें मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और लद्दाख को निर्दिष्ट अपवादों में रखा गया है। इसके अतिरिक्त हिमाच्छादित असम के कुछ क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए भी अलग व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। मणिपुर के संबंध में आगामी घोषणा होने तक का उल्लेख किया गया है।
जनगणना की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण कदम
जनगणना देश की जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र करने की महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके आंकड़ों का उपयोग विभिन्न योजनाओं, संसाधनों के आकलन और नीतिगत निर्णयों में किया जाता है। छत्तीसगढ़ में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनवरी 2027 से जनसंख्या गणना का चरण शुरू होगा। इसके पहले स्व-गणना का अवसर उपलब्ध रहेगा। राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय अधिसूचना पुनः प्रकाशित किए जाने के बाद अब जनगणना कार्यक्रम की तारीखें स्पष्ट हो गई हैं।