मेकाहारा अस्पताल में बिल्लियों का आतंक, वार्ड में मल-मूत्र से मरीज परेशान

छग

Update: 2025-09-25 15:22 GMT
Raipur. रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल (मेकाहारा), जिसे छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है, इन दिनों अजीबोगरीब समस्या से जूझ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें अस्पताल के वार्ड के अंदर बिल्लियां मल-मूत्र करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में बलबीर ढाबा में बिल्लियों के मल-मूत्र करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके कुछ ही दिनों बाद अब मेकाहारा से आया यह वीडियो राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल परिसर में बिल्लियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है।


कई बार बिल्लियाँ वार्ड में घुस जाती हैं, मरीजों के खाने-पीने का सामान खराब कर देती हैं और यहां तक कि बेड पर रखे कपड़ों को भी नुकसान पहुँचा देती हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल पहले से ही साफ-सफाई की अव्यवस्था से जूझ रहा है। वार्ड और कॉरिडोर में गंदगी का आलम है, जिस वजह से बिल्लियाँ आसानी से अस्पताल के भीतर तक पहुँच जाती हैं। खासकर जंगली पान और इधर-उधर फैली गंदगी ने बिल्लियों को अस्पताल परिसर में रहने और घूमने के लिए आकर्षित कर लिया है।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। उनका कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऐसी स्थिति होना मरीजों की सेहत और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। "जहां मरीजों को इलाज और स्वच्छ माहौल मिलना चाहिए, वहीं अब उन्हें बिल्लियों और गंदगी से जूझना पड़ रहा है," – एक मरीज के परिजन ने नाराजगी जताई। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों ने भी शिकायत की कि रात के समय बिल्लियाँ वार्ड के अंदर घुसकर उनके बेड के पास आ जाती हैं, जिससे उन्हें असुरक्षा महसूस होती है। "हम इलाज के लिए आए हैं लेकिन यहां की स्थिति देख डर लगता है। कहीं यह गंदगी किसी नई बीमारी का कारण न बन जाए," एक महिला मरीज ने कहा।


साफ-सफाई को लेकर मेकाहारा पहले भी विवादों में रहा है। समय-समय पर अस्पताल प्रशासन को चेतावनी और शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब बिल्लियों के वार्ड में घुसने और मल-मूत्र करने का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश और भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य का मानना है कि इस तरह की गंदगी और पशुओं की आवाजाही मरीजों के लिए संक्रमण का बड़ा खतरा बन सकती है। खासकर वे मरीज जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, वे आसानी से नई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।

कई लोग इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बता रहे हैं तो कईयों का कहना है कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की यह हालत बेहद शर्मनाक है। फिलहाल इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकती है। यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल, जहाँ लोगों को भरोसे के साथ इलाज मिलना चाहिए, वहीं गंदगी और बिल्लियों की दहशत ने मरीजों और परिजनों को परेशान कर दिया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
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