जर्जर स्कूल भवन का मामला, हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव से मांगी रिपोर्ट

Update: 2024-08-01 07:28 GMT

बिलासपुर bilaspur news । जर्जर स्कूल भवनों को लेकर चल रही जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट High Court ने शासन एवं स्कूल शिक्षा सचिव से शपथ पत्र पर भवनों को ठीक करने के बारे में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई 21 अगस्त को निर्धारित की गई है। chhattisgarh

chhattisgarh news प्रदेश के कई शासकीय स्कूलों में भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है, जो बारिश के समय और भी खतरनाक हो जाती है। हाल ही में एक सरकारी स्कूल में बाथरूम का छज्जा गिरने से एक छात्र घायल हो गया था। इसके अलावा, एक साल पहले भी एक छात्र रसोई के बर्तन से जल गया था। इस तरह की घटनाओं को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्व-संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की है।

मामले की बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। अतिरिक्त महाधिवक्ता की ओर से शासन ने शपथ पत्र में जवाब दिया है। इसके अनुसार, 31 मार्च 2024 से पहले सरकार ने जर्जर और असुरक्षित स्कूलों की गिनती कराई थी। इसमें 2,219 स्कूलों को डिस्मेंटल करना था और 19,000 स्कूलों को रिपेयर करना था। इन स्कूलों के लिए 'स्कूल जतन योजना' और डीएमएफ फंड से राशि जुटाना है।

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि सत्र 2022-23 के लिए 1,837 करोड़ रुपये शासकीय स्कूलों के लिए जारी किए गए थे। इस पर चीफ जस्टिस ने पूछा कि इस राशि का इस्तेमाल कैसे किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तव में स्कूलों की स्थिति सुधर रही है या यह सब कागजों पर ही है। शासन ने बताया कि कलेक्टर अपने डीएमएफ फंड से भी राशि उपलब्ध करा सकते हैं। इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि एक कलेक्टर सभी जगह कैसे जा सकता है? शिक्षा सचिव को फंड की निगरानी करनी चाहिए कि वह कहां जा रहा है।

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