Raipur. रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए डभरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. राजेंद्र कुमार पटेल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर द्वारा उन्हें 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, एसीबी बिलासपुर की टीम ने 17 अक्टूबर 2025 को कार्रवाई करते हुए डॉ. पटेल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। बताया गया कि उन्होंने किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत सत्यापित होने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और उन्हें डभरा में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद डॉ. पटेल को 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस अभिरक्षा में रखा गया। इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. पटेल का निलंबन 17 अक्टूबर 2025 से प्रभावशील रहेगा। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर संभाग को निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें मूलभूत नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्राप्त करने की पात्रता दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त नीति अपना रहा है। किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर विभागीय और कानूनी दोनों तरह की कार्रवाई की जाएगी। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि डॉ. पटेल के खिलाफ आगे भी जांच जारी है। मामले से संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने इससे पहले भी ऐसे किसी मामले में रिश्वत ली थी या नहीं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, डभरा सीएचसी में लंबे समय से कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में नियुक्ति, बिल पास कराने और अनुबंध से जुड़े कामों में अधिकारी खुलेआम पैसे की मांग करते थे। स्वास्थ्य विभाग के इस निलंबन आदेश को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। इससे अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सतर्कता का संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।