Durg. दुर्ग। 25 नवम्बर 2025 को दुर्ग जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई। बूथ क्रमांक 117, विधानसभा भिलाई नगर में कार्यरत बीएलओ रूपेश कुमार जोशी पर जावेद हुसैन निवासी उड़िया मोहल्ला खुर्सीपार ने हमला कर दिया। इस हमले में बीएलओ के सिर में चोट लगी। घटना के तुरंत बाद बीएलओ ने प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही एसडीएम हितेश पिस्दा और थाना प्रभारी खुर्सीपार आनंद शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी जावेद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। बीएलओ रूपेश कुमार जोशी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उनकी चोट का सीटी स्कैन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने बताया कि कोई गंभीर या आंतरिक चोट नहीं है। उपचार के दौरान कलेक्टर दुर्ग अभिजीत सिंह बीएलओ का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे और बेहतर इलाज के निर्देश संबंधित सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन को दिए। पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र, विशेषकर खुर्सीपार में सतर्कता बढ़ाई और नियमित पेट्रोलिंग शुरू की।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा बीएलओ या निर्वाचन कार्य में बाधा डालने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर अभियान के दौरान बीएलओ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। इस प्रकार की घटना न केवल सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा डालती है। बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी स्थिति में अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और बीएलओ की बहादुरी की सराहना की। यह घटना यह भी दर्शाती है कि निर्वाचन कार्य के दौरान सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने अपील की है कि मतदाता और नागरिक निर्वाचन कार्य में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के विवाद या हंगामे से बचें। उन्होंने कहा कि मतदाता और अधिकारियों के बीच सहयोग से ही चुनाव प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित रूप से पूरी की जा सकती है। बीएलओ रूपेश कुमार जोशी का स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है और वे अपने निर्वाचन कार्य को जारी रखेंगे। प्रशासन ने कहा कि आने वाले दिनों में सभी क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय और सख्त निगरानी जारी रहेगी, ताकि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर किसी प्रकार का हमला न हो। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अधिकारियों की सुरक्षा के प्रति सजग है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करता है।