अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: सगे बड़े भाई ने की थी 29 वर्षीय चंद्रभान सिंह की हत्या
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GPM. जीपीएम। गौरेला थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर से 1 जनवरी की मध्यरात्रि हुई हत्या की अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने मात्र 3 दिनों में सुलझा ली। इस हृदय विदारक मामले में मृतक का सगा बड़ा भाई ही आरोपी निकला। पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने अपने छोटे भाई—चंद्रभान सिंह उरेती, उम्र 29 वर्ष—की बेरहमी से मारपीट कर हत्या कर दी थी। घटना का शिकार चंद्रभान सिंह अपने वार्ड क्रमांक 10, लमराटोला बरवासन, गौरेला में स्थित अपने घर के सामने संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला।
मृतक के चेहरे, सिर, गले और कान में गंभीर चोटों के निशान पाए गए। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि यह हत्या निर्ममता से की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही गौरेला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई की, मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आवश्यक भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य इकट्ठा किए। प्रारंभिक जांच में आरोपी अज्ञात था, जिसके कारण प्रकरण को अंधा कत्ल करार दिया गया। लेकिन प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गौरेला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की, मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जांच की, तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों का गहन विश्लेषण किया।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक और उसके बड़े भाई चेतन सिंह उरेती के बीच पारिवारिक विवाद और आपसी तनाव की स्थिति बनी हुई थी। टीम ने गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि हत्या का कारण घरेलू झगड़ा और विवाद था। पुलिस ने आरोपी—चेतन सिंह उरेती, उम्र 42 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 10, लमराटोला बरवासन, पोस्ट हर्री, थाना गौरेला, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छ.ग.)—को हिरासत में लिया। मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया और मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरेला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह त्वरित कार्रवाई न्याय व्यवस्था और पुलिस की तत्परता का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, गहन पूछताछ और तकनीकी जांच के माध्यम से यह साबित किया गया कि हत्या परिवारिक विवाद की वजह से हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैलाने वाली थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी हिंसक या आपराधिक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में पुलिस ने पारिवारिक विवाद के अन्य पहलुओं और संभावित सामाजिक तनाव के कारणों की भी जांच शुरू कर दी है। आगामी दिनों में आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और संबंधित धाराओं के तहत व्यापक वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला यह साबित करता है कि पुलिस तकनीकी और पारंपरिक दोनों तरीकों से जघन्य अपराधों का समाधान करने में सक्षम है। गौरेला थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और परिवारिक हिंसा के मामलों को गंभीरता से लेने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह तत्पर है।