Bilaspur. बिलासपुर। जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व पार्षद शिव मोहन बघेल पर अज्ञात चार हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना की शुरुआत कथित तौर पर गाली-गलौच का विरोध करने से हुई। जानकारी के अनुसार, आज शाम बघेल अपने किसी कार्य से बाहर निकले थे। इसी दौरान चार अज्ञात युवक वहां पहुंचे और उनके साथ विवाद करने लगे। जब बघेल ने गाली-गलौच करने से मना किया, तो विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने उन पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। हमले के दौरान बघेल गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप और सुरक्षा टीम की तत्परता से उन्हें ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आईं।
इस घटना का CCTV फुटेज अब सामने आया है। फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक कार से चार युवक उतरते हैं और शिव मोहन बघेल पर हमला कर देते हैं। हमले के समय आसपास मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग चीख-पुकार करने लगे, जिससे हमलावर भयभीत होकर मौके से फरार हो गए। रतनपुर पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शिव मोहन बघेल को सुरक्षा प्रदान की और चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज का अध्ययन शुरू कर दिया है और आसपास के गवाहों से बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय नेताओं ने कहा कि ऐसे हमले लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक व्यक्तित्वों के खिलाफ गंभीर अपराध हैं और जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक व्यक्तित्वों पर ऐसे हमले न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। इसलिए, पुलिस द्वारा शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। इस घटना ने बिलासपुर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। शिव मोहन बघेल की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। प्रशासन और पुलिस मिलकर मामले की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।