बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से कोलकाता के बीच सीधी हवाई सेवा बहाल होने के महज पांच दिन बाद एक बार फिर बंद होने की खबर सामने आई है। लंबे इंतजार और लगातार मांग के बाद 25 अक्टूबर को शुरू हुई एलायंस एयर की इस उड़ान का पहला फेरा ही संचालित हो सका। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को प्रस्तावित दूसरे फेरे के लिए 42 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद उनकी बुकिंग निरस्त कर टिकट की राशि वापस कर दी गई। इस फैसले से यात्रियों में नाराजगी है। वहीं हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इसे बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी के लिए निराशाजनक बताते हुए तत्काल सेवा बहाल करने की मांग की है।
पहली उड़ान में 36 यात्री, दूसरी में 42 बुकिंग
बिलासपुर-कोलकाता हवाई सेवा को विंटर शेड्यूल के तहत 25 अक्टूबर 2026 को दोबारा शुरू किया गया था। इससे पहले यह सेवा लगभग डेढ़ महीने से बंद थी। उड़ान की बहाली से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद जगी थी। रविवार को संचालित पहले फेरे में 36 यात्रियों ने बिलासपुर से कोलकाता के लिए सफर किया। इसके बाद शुक्रवार को होने वाले दूसरे फेरे के लिए यात्रियों की संख्या बढ़कर 42 पहुंच गई थी। लेकिन उड़ान संचालित होने से एक दिन पहले इसे रद्द किए जाने की सूचना सामने आई। इसके बाद यात्रियों की बुकिंग निरस्त कर टिकट की राशि वापस लौटा दी गई।
डेढ़ महीने बाद शुरू हुई सेवा फिर ठप
बिलासपुर से कोलकाता के बीच हवाई सेवा पहले भी प्रभावित हो चुकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को उड़ान के समय में बदलाव किया गया था। इसके बाद 18 सितंबर को यात्रियों की कमी का हवाला देते हुए सेवा बंद कर दी गई थी। लगातार मांग और विरोध के बीच एलायंस एयर ने विंटर शेड्यूल में इस रूट पर उड़ान फिर शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 25 अक्टूबर को पहली उड़ान संचालित हुई, लेकिन अगली निर्धारित उड़ान रद्द होने से सेवा के नियमित संचालन पर फिर अनिश्चितता पैदा हो गई है। यात्रियों का सवाल है कि जब दोबारा शुरू हुई उड़ान के अगले फेरे के लिए 42 बुकिंग हो चुकी थीं, तो सेवा बंद करने का फैसला क्यों लिया गया।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने जताई नाराजगी
बिलासपुर में हवाई सेवाओं के विस्तार की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रही हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान रद्द किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। समिति का आरोप है कि एलायंस एयर ने छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर बिलासपुर-कोलकाता उड़ान बंद की है। समिति ने इस फैसले को हाल में आयोजित 'उल्टा मार्च' आंदोलन से जोड़ते हुए भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, राज्य सरकार के निर्देश पर उड़ान बंद किए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में एलायंस एयर या राज्य सरकार का अधिकृत स्पष्टीकरण सामने आना आवश्यक है।
उल्टा मार्च के बाद उड़ान रद्द होने पर सवाल
बिलासपुर में बेहतर हवाई सुविधाओं की मांग को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने हाल ही में 'उल्टा मार्च' निकाला था। इस प्रदर्शन में नागरिकों ने हवाई सेवा के विस्तार, बड़े विमानों के संचालन और एयरपोर्ट के विकास की मांग उठाई थी। समिति का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद जिस हवाई सेवा को बहाल कराया गया था, उसका एक फेरे के बाद ही बंद हो जाना यात्रियों की अपेक्षाओं के विपरीत है। समिति ने आरोप लगाया है कि बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। हालांकि, ये समिति के आरोप हैं और इन्हें सरकार या विमानन कंपनी का पुष्ट निर्णय या मंशा नहीं माना जा सकता।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायकों से संपर्क
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान बहाल कराने के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक से दूरभाष पर चर्चा किए जाने की जानकारी दी है। समिति ने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों और विमानन कंपनी से बातचीत कर बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को दोबारा शुरू कराने की पहल करें। समिति ने अन्य जनप्रतिनिधियों और केंद्रीय स्तर पर भी इस मामले को उठाने की बात कही है।
पहले भी कई शहरों की उड़ानें हो चुकी हैं बंद
बिलासपुर से हवाई सेवाओं का शुरू होना और कुछ समय बाद बंद हो जाना नया मुद्दा नहीं है। इससे पहले बिलासपुर-भोपाल उड़ान जून 2022 में शुरू होने के बाद सितंबर 2022 में बंद हो गई थी। इसी तरह बिलासपुर-इंदौर उड़ान 3 अक्टूबर 2022 को प्रारंभ हुई थी, लेकिन मार्च 2023 में इसका संचालन बंद कर दिया गया। जगदलपुर और प्रयागराज से संबंधित उड़ान सेवाएं भी पूर्व में प्रभावित हुई हैं। बार-बार उड़ान सेवाओं में बदलाव होने से यात्रियों के सामने यात्रा की योजना बनाने और नियमित हवाई कनेक्टिविटी प्राप्त करने की चुनौती बनी हुई है।
सीधी फ्लाइट बंद होने से यात्रियों की परेशानी
बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान का महत्व केवल दोनों शहरों तक सीमित नहीं है। बिलासपुर और आसपास के जिलों से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोग कोलकाता और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करते हैं। सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने पर यात्रियों को दूसरे शहरों से विमान लेना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय और खर्च बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, यात्रियों के लिए उपलब्ध वैकल्पिक उड़ानों और उनके किराए की स्थिति संबंधित तारीख के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
फैसला वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को जल्द बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति का कहना है कि बिलासपुर में स्थायी और भरोसेमंद हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना आवश्यक है। नागरिकों की ओर से लंबे समय से इस दिशा में मांग की जा रही है। अब यात्रियों और जनप्रतिनिधियों की नजर एलायंस एयर तथा संबंधित विमानन अधिकारियों के अगले निर्णय पर है। शुक्रवार की उड़ान रद्द होने के बाद आगे के फेरों का संचालन कब और किस व्यवस्था के तहत होगा, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। फिलहाल 42 यात्रियों की बुकिंग रद्द होने और एक फेरे के बाद सीधी हवाई सेवा प्रभावित होने से बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
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