Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने ई-रिक्शा और ऑटो पंजीयन अभियान की अवधि 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है। अब जिन वाहन चालकों और मालिकों ने अपने वाहनों का पंजीयन नहीं कराया है या क्यूआर कोड नहीं लगवाया है, वे 16 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से नए ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन तथा क्यूआर कोड लगाने की प्रक्रिया शोरूम स्तर पर ही पूरी की जाएगी। यातायात पुलिस ने सभी वाहन संचालकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है।
25 अक्टूबर तक चलेगा विशेष पंजीयन अभियान
यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पंजीयन अभियान की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने बताया कि वाहन चालकों और मालिकों की मांग तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब 16 से 25 अक्टूबर तक ऐसे ऑटो और ई-रिक्शा संचालक पंजीयन करा सकेंगे, जिनका पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है।
16 हजार से अधिक वाहनों का हो चुका पंजीयन
डीसीपी डॉ. अर्चना झा के अनुसार, रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पूर्व में चलाए गए अभियान के दौरान 15 हजार से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन किया गया था। इसके बाद 1 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें करीब एक हजार से अधिक वाहन पंजीकृत किए गए। इस प्रकार अब तक कुल 16 हजार से अधिक ई-रिक्शा और ऑटो का पंजीयन पूरा किया जा चुका है।
14,130 वाहनों पर लगाए गए QR कोड
यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक पंजीकृत वाहनों में से 14,130 ऑटो और ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं। शेष पंजीकृत वाहनों पर भी जल्द क्यूआर कोड लगाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। क्यूआर कोड के माध्यम से वाहन और चालक से संबंधित डिजिटल जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ वाहन की पहचान करने में भी सुविधा होगी।
1 नवंबर से शोरूम में ही होगा पंजीयन
यातायात पुलिस ने नई व्यवस्था के तहत 1 नवंबर 2026 से नए ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन संबंधित शोरूम के माध्यम से करने की जानकारी दी है। नई व्यवस्था में शोरूम स्तर पर ही क्यूआर कोड लगाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य नए वाहनों का पंजीयन और डिजिटल पहचान सुनिश्चित करना तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
मोबाइल से ऑनलाइन करा सकेंगे पंजीयन
यातायात पुलिस ने वाहन मालिकों और चालकों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक अपने मोबाइल से विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी यातायात थाने में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर निःशुल्क पंजीयन कराया जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल
पंजीयन अभियान के माध्यम से प्रत्येक वाहन और चालक का सत्यापित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे किसी दुर्घटना, विवाद या अन्य आवश्यक स्थिति में वाहन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यातायात पुलिस के अनुसार, क्यूआर कोड युक्त पंजीकृत वाहनों से यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित होगी। डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों से अपील की है कि वे 25 अक्टूबर तक पंजीयन अवश्य करा लें। इससे लागू नियमों के तहत बिना आवश्यक पंजीयन वाहन संचालन पर होने वाली कार्रवाई से बचने में भी मदद मिलेगी।