Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को निर्देश जारी किया है कि वे दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1958 के अंतर्गत संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीयन संबंधित रिकॉर्ड / डेटा विभाग को API माध्यम से उपलब्ध कराएं। विभागीय आयुक्त श्रमायुक्त कार्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र क्रमांक GENS/1825/2025-ENFORCEMENT 9 SECTION के तहत 25 जून, 19 फरवरी और 6 मई 2025 को भेजे गए संदर्भ पत्रों में यह निर्देश दिया गया है। इन पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में अब छ.ग. दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 एवं उसके अंतर्गत बनाए गए नियम 2021 को प्रभावशील माना गया है, जिसकी अधिसूचना 13 फरवरी 2025 से लागू कर दी गई है।
इस नए प्रावधान के अनुसार राज्य में संचालित सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों का पंजीयन अब ऑनलाइन किया जाएगा। पूर्व में यह पंजीयन 1958 के पुराने अधिनियम के तहत नगर निगमों एवं नगरीय निकायों द्वारा किया जाता था। अब श्रम विभाग के ज़िला कार्यालयों के माध्यम से यह प्रक्रिया विभागीय पोर्टल shramevijayate.cg.gov.in पर पूरी की जाएगी। इस आदेश के तहत सभी नगर निकायों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर 1958 अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों की जानकारी शीघ्र श्रम विभाग को डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराएं। इसका उद्देश्य डेटा एकीकरण, पारदर्शिता और सुविधा आधारित प्रशासन को बढ़ावा देना है। इस आदेश के साथ श्रम विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में दुकान एवं प्रतिष्ठान का पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से श्रम विभाग के पोर्टल पर ही वैध माना जाएगा। इससे न केवल पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की निगरानी और नियमन भी सशक्त होगा।