जनता से रिश्ता वेबडेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को देशी और विदेशी शराब पर कोरोना का विशेष आबकारी शुल्क लगाने का मुद्दा सदन में उठा. भूपेश बघेल सरकार के मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने शराब पर कोरोना टैक्स पर सवाल करते हुए पूछा कि कितने प्रकार में कोरोना शुल्क लगाया गया? कोरोना शुल्क लगाने का कारण क्या है और अब तक कितने पैसे खर्च हुए? इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा के स्थान पर मंत्री मो. अकबर ने जवाब दिया.

मंत्री अकबर ने जवाब देते हुए बताया कि- 2 मई 2020 के आदेश के तहत देशी मदिरा की फुटकर बिक्री पर प्रतिनग 10 रुपये की दर से 198 करोड़ 19 लाख 98 हजार रुपये की आय हुई है. इसके अलावा 15 मई 2020 के आदेश अनुसार विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री पर 10 फीसदी की दर से विशेष कोरोना शुल्क 166 करोड़ 55 लाख 38 हजार 800 रुपये छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग करोपोरेशन के जरिये शासकीय खाते में जमा किये गए हैं. यानि दोनों रकम मिला दें तो 364 करोड़ 75 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई छत्तीसगढ़ सरकार को शराब पर कोरोना टैक्स से हुई है.
खर्च नहीं की गई है राशि
मामले में बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा- इस राशि को किन किन मदों में खर्च किये जाने का प्रावधान है? इसके जवाब में मो. अकबर ने कहा- शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना जैसे कार्यों में इन मदों का खर्च किया जाना है. फिर अजय चंद्राकर ने पूछा- शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना में कितनी राशि खर्च हुई?इस पर मंत्री मो. अकबर ने बताया कि- अब तक राशि खर्च नहीं की गई है. इसके लिए एक प्राधिकरण का गठन किया गया है. अनुशंसा के बाद इस राशि का खर्च होगा. इसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- कोरोना की राशि का दुरुपयोग हो रहा है. जनता पर लगाये गए टैक्स दुरुपयोग है.


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