भिलाई के आसिफ बनेंगे लेफ्टिनेंट

Update: 2025-06-22 11:12 GMT

भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई से सेना की इंजीनियरिंग सेवा पाठ्यक्रम के लिए मोहम्मद आसिफ खान का चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर शुक्रवार 20 जून को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद सेक्टर-6 में उनका शानदार इस्तकबाल किया गया। भिलाई से सबसे पहले वर्ष 1972 में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में चयनित कमांडर राजिंदर ज्ञानी ने आसिफ व उनके पूरे परिवार को बधाईयां दी है। कमांडर ज्ञानी ने गोवा से भेजे अपने संदेश में कहा है कि भिलाई के एक और नौजवान ने सेना की एक कठिनतम परीक्षा में सफलता हासिल की है इससे हम सब भिलाईवासी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि स्टेशन मरोदा निवासी मोहम्मद आसिफ खान ने यह प्रतिष्ठित परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर 65 वीं रैंक लाकर उत्तीर्ण की है। आसिफ के पिता मोहम्मद अफसर खान की आजाद मार्केट रिसाली में वेल्डिंग की शॉप है और वे जामा मस्जिद रिसाली के सेक्रेट्री भी हैं। प्रवेश संबंधी तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आसिफ 21 जून को इंदौर के लिए रवाना हुए। जहां आगे महू में मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) में 4 साल का बीई/बीटेक पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण का दौर पूरा करेंगे। इसके बाद आसिफ को सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर स्थायी कमीशन मिलेगा। आसिफ की इस सफलता से जहां उनके घर में खुशियों का माहौल है, वहीं समाज भी उनकी सफलता से गदगद है। फौज के जरिए देश सेवा करने जा रहे मोहम्मद आसिफ खान का जामा मस्जिद सेक्टर-6 में मौजूद नमाजियों ने गुलपोशी से इस्तकबाल किया।

भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग ने आसिफ की कामयाबी के बारे में बताते हुए कहा कि यह पूरे भिलाई ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए फख्र की बात है कि हमारे शहर का नौजवान फौजी अफसर बनकर मुल्क की खिदमत करने जा रहा है। इमामत कर रहे मौलाना जलालुद्दीन और तमाम नमाजियों ने भी मुबारकबाद देते हुए आसिफ की कामयाबी के लिए दुआएं की। आसिफ के पिता मोहम्मद अफसर खान ने इस्तकबाल के लिए शुक्रिया अदा किया।

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