Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रॉन्ग नंबर के जरिए नाबालिग से पहचान बढ़ाने और फिर उसे ग्वालियर बुलाकर कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। डौंडी थाना पुलिस ने मामले में आरोपी युवक अजय प्रजापति को मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग की पहचान आरोपी अजय प्रजापति से एक रॉन्ग नंबर के जरिए हुई थी। शुरुआत में फोन पर बातचीत हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने नाबालिग का भरोसा हासिल किया और उसे अपने शहर ग्वालियर आने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कहने पर नाबालिग ग्वालियर पहुंची थी। आरोप है कि वहां आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मामला तब सामने आया जब नाबालिग के अचानक लापता होने से परेशान परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजन डौंडी थाने पहुंचे और उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण डौंडी पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने नाबालिग के संपर्कों और अन्य उपलब्ध जानकारियों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत और ग्वालियर निवासी अजय प्रजापति के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को आरोपी के ग्वालियर स्थित अपने घर में मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद डौंडी पुलिस की टीम ने ग्वालियर पहुंचकर आरोपी की तलाश की। पुलिस ने उसके घर पर कार्रवाई करते हुए अजय प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बालोद लाया गया।
पुलिस ने मामले में नाबालिग से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी और नाबालिग के बीच बातचीत कब से चल रही थी और उसे ग्वालियर बुलाने से पहले दोनों के बीच किस तरह संपर्क हुआ था। मामले में मोबाइल फोन और कॉल से जुड़ी जानकारियां भी जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल फोन और अनजान नंबरों के जरिए नाबालिगों से संपर्क बढ़ाने के जोखिम की ओर ध्यान खींचा है। ऐसे मामलों में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन तथा फोन गतिविधियों को लेकर अभिभावकों की सतर्कता महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से मिलने, दूसरे शहर बुलाने या निजी जानकारी मांगने जैसी गतिविधियों की जानकारी तत्काल परिवार या जिम्मेदार व्यक्ति को देना जरूरी है।
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