बस्तर दशहरा की तैयारियां जोरों पर

Update: 2025-09-18 05:58 GMT

बस्तर। जगदलपुर-बस्तर में मनाए जाने वाले बस्तर दशहरा पर्व की परंपरागत तैयारी जोर शोर से चल रही है,पिछले दिन नारफोड़नी की रस्म पूजा विधान से विधिपूर्वक संपन्न हुई। इस पूजा विधान में फूल रथ के लिए साल के पेड़ की लकड़ी से बने पहिए का पहले चक्के के बीच में छेद करने की प्रक्रिया होती है। जिसमें लोहार समुदाय द्वारा बनाया गया लोहे का रिंग जिसे (गुड़दा) कहा जाता है, इसे लगाया जाता है जिससे पहिया मजबूत हो और रथ खींचने में आसानी हो।

आज इसी कड़ी में जगदलपुर के पास के गांव टेकामेटा से बस्तर दशहरा समिति के निमंत्रण पर आए लोहार समुदाय ने लोहरालाडी (एक निश्चित स्थान जहां लोहे को आग में पिघला कर उसे अनेकों आकार दिया जाता है) इनके द्वारा रथ के चक्के में लगने वाले रिंग(गुड़दा) तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसमें रथ के लिए बने एक्सल को डाला जाता है, जिससे रथ आसानी से चल सके, बस्तर दशहरा के भव्य त्यौहार में अलग-अलग जाति एवं समुदाय के लोग किस प्रकार जुड़े हैं इसका एक उदाहरण है।

Tags:    

Similar News

null