बलौदाबाजार DEO नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने संदीप शर्मा के आदेश को किया निरस्त

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Update: 2026-07-17 16:02 GMT
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संदीप शर्मा की नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के पद पर जारी नियुक्ति आदेश को निरस्त कर दिया है। यह निर्णय लवन में पदस्थ प्राचार्य हरिशंकर जोशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। प्राचार्य हरिशंकर जोशी ने जिला शिक्षा अधिकारी पद पर संदीप शर्मा की नियुक्ति को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में नियुक्ति प्रक्रिया और पात्रता को लेकर सवाल उठाए गए थे। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति विभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने राज्य शासन के नियुक्ति आदेश को निरस्त करने का आदेश जारी किया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शासन संबंधित अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार देने के लिए नियमानुसार उचित निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब शिक्षा विभाग में नए सिरे से व्यवस्था किए जाने की संभावना है। प्राचार्य हरिशंकर जोशी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी संदीप शर्मा उनसे करीब 10 वर्ष जूनियर हैं। उन्होंने बताया कि संदीप शर्मा का मूल पद प्रधानपाठक का था और वे वर्ष 2012 से प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल में कक्ष अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
जानकारी के मुताबिक, संदीप शर्मा की पदोन्नति 27 नवंबर 2025 को प्राचार्य पद पर हुई थी। इसके बाद वे पुनः प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल में कक्ष अधिकारी के रूप में पदस्थ हुए। इसके बाद शासन द्वारा 10 जून 2026 को उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के पद पर नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति आदेश को लेकर प्राचार्य हरिशंकर जोशी ने आपत्ति जताई और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी के माध्यम से नियुक्ति को चुनौती दी। याचिका में उन्होंने पद की वरिष्ठता और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं को आधार बनाया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और संबंधित पक्षों की दलीलों पर विचार किया। इसके बाद न्यायालय ने राज्य शासन द्वारा जारी नियुक्ति आदेश को निरस्त कर दिया। प्राचार्य हरिशंकर जोशी ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद अब शासन को आगे की कार्रवाई नियमानुसार करनी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति से संबंधित एक मामले में नियुक्ति आदेश निरस्त कर चुका है। ऐसे मामलों में न्यायालय द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों के पालन को महत्वपूर्ण माना गया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला शिक्षा अधिकारी पद को लेकर नई व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।
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