Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालाजी डायग्नोस्टिक सेंटर के सोनोग्राफी कक्ष को सील कर दिया है। यह कार्रवाई PCPNDT एक्ट 1994 के तहत की गई, जिसमें भ्रूण लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित है और इससे जुड़े सभी प्रक्रियाओं और रिकॉर्ड पर सख्त नियम लागू होते हैं। जानकारी के अनुसार 12 मार्च 2026 को प्रशासनिक टीम ने सेंटर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। खासतौर पर रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रक्रियात्मक नियमों के पालन में कमी पाई गई। इन कमियों को गंभीर मानते हुए निरीक्षण रिपोर्ट समुचित प्राधिकारी और कलेक्टर को सौंपी गई।
इसके बाद सेंटर संचालक और संबंधित रेडियोलॉजिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। मामले की समीक्षा जिला सलाहकार समिति द्वारा की गई, लेकिन सेंटर की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके चलते समिति ने नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की। समिति की अनुशंसा के आधार पर 21 अप्रैल 2026 को गठित टीम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा 30 और नियम 12 के तहत कार्रवाई करते हुए सोनोग्राफी कक्ष को सीलबंद कर दिया। साथ ही जांच से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह डायग्नोस्टिक सेंटर पहले भी विवादों में रह चुका है।
पूर्व में एक महिला के ऑपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ने का मामला सामने आया था, जिसमें परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए थे। हालांकि उस मामले की आधिकारिक जांच का अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ था, लेकिन उस घटना के बाद से ही सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि PCPNDT एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि जिले में सभी डायग्नोस्टिक सेंटरों की नियमित निगरानी की जा रही है और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।