Gariaband. गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पीडब्ल्यूडी (PWD) के पुराने पुल से पोल (दोम) चोरी करने की कोशिश का मामला सामने आया है। रात के अंधेरे में दो ट्रैक्टरों की मदद से पोल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता के कारण यह प्रयास नाकाम हो गया। जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर दूर ग्राम सढोली और आमदी के बीच नाले पर स्थित पुराने पुल से शनिवार रात लगभग 10 बजे यह घटना हुई। चोरों ने फोकलेन मशीन की मदद से पुल पर लगे दो पोल ट्रैक्टरों में लोड कर लिए थे और उन्हें बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे थे।
इसी दौरान ग्रामीणों की नजर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ गई और वे मौके पर एकत्र हो गए। जब ट्रैक्टर बाहर निकलने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया। मौके पर मौजूद चालकों ने बताया कि यह सामान सढोली से लगे बृंदावन कृषि फार्म ले जाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों को उनकी बातों पर शक हुआ। ग्रामीणों का कहना था कि यदि यह काम वैध होता तो इसे दिन के समय और स्थानीय वाहनों के माध्यम से किया जाता, न कि रात में और दूसरे जिले के ट्रैक्टरों से। इसके अलावा ग्रामीणों ने बताया कि जिस पुल से पोल हटाया जा रहा था, वह भले ही पुराना और अनुपयोगी हो, लेकिन उस पर लगे पोल अभी भी उपयोगी हैं, जिनकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये प्रति पोल बताई जा रही है।
स्थिति बिगड़ने पर ग्रामीणों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद ट्रैक्टर चालक मौके से पोल खाली कर फरार हो गए। इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और वे इसे सरकारी संपत्ति की चोरी का प्रयास बता रहे हैं। ग्रामीण विष्णु पटेल ने कहा कि यह PWD की संपत्ति है और विभागीय अधिकारियों को मामले में आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि वे पूरी घटना के गवाह हैं और जरूरत पड़ने पर बयान देने को तैयार हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालकों द्वारा जिन लोगों के नाम बताए गए हैं, वे प्रभावशाली हैं, जिसके कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्टर और एसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, गरियाबंद कोतवाली थाना प्रभारी ओपी यादव ने कहा कि अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया किसी आपराधिक तत्व की पुष्टि नहीं हुई है। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रामेश्वर ध्रुव ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीओ को आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। इस घटना के बाद ग्रामीणों में असंतोष का माहौल बना हुआ है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।