Gandpur. गैंदपुर। आज मितानिन दिवस के अवसर पर स्कूल मैदान, गैंदपुर में क्षेत्र की 600 से अधिक मितानिन बहनों को उनके समर्पण और स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी गईं तथा उनके सेवा भाव और समाज एवं प्रदेश के स्वास्थ्य निर्माण में योगदान की सराहना की गई। मितानिन दिवस उन हजारों मितानिन दीदीयों के समर्पण, सेवा भावना और असाधारण कार्यों को नमन करने का अवसर है, जो गाँव-गाँव, घर-घर जाकर स्वास्थ्य सुरक्षा की ज्योति जला रही हैं। मितानिन बहनें केवल स्वास्थ्य कार्यकर्ता ही नहीं हैं, बल्कि समाज की वह आधार स्तंभ हैं, जो समय, परिस्थिति और संसाधनों की सीमाओं से परे जाकर लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।
समारोह में मितानिन बहनों की मेहनत और उनके योगदान पर विशेष जोर दिया गया। कहा गया कि उनके प्रयासों के कारण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। कार्यक्रम में भाग लेने वाली मितानिन बहनों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा को प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार मितानिन माताओं-बहनों के प्रशिक्षण, मानदेय, उपकरण और डिजिटल साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक सशक्तिकरण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करना है।
समारोह में स्थानीय अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मितानिन बहनों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि मितानिन बहनें गांव के सबसे छोटे घर से लेकर सबसे बड़े समाज तक स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके निरंतर प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी है और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ जनता तक पहुंचा है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी मितानिन बहनों के प्रशिक्षण और उपकरणों की उपलब्धता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि डिजिटल साधनों और प्रशिक्षण से मितानिन बहनों की कार्यकुशलता बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है।
इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह ने मितानिन बहनों के प्रति समाज के विश्वास और सम्मान को भी प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि मितानिन बहनों का योगदान सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामुदायिक सशक्तिकरण, पोषण और महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समारोह के अंत में मितानिन बहनों को प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र और आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को मितानिन बहनों के कार्यों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का अनुभव कराया। इस प्रकार मितानिन दिवस समारोह ने गैंदपुर में मितानिन बहनों के योगदान, सेवा और समर्पण को उजागर किया और उनके प्रयासों को पूरे क्षेत्र में सराहा गया।
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