Durg. दुर्ग। दुर्ग यातायात पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़क पर तेज आवाज में बुलेट चलाने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर बाइक चालक का 5 हजार रुपए का चालान काटा। साथ ही मौके पर ही बाइक में लगा अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर हटवाकर कंपनी का मानक साइलेंसर लगवाया गया। इसके बाद ही वाहन चालक को आगे जाने की अनुमति दी गई। यातायात पुलिस के अनुसार, शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज आवाज करने वाले वाहन और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस की टीम वाहन जांच कर रही थी। इस दौरान एक बुलेट क्रमांक CG07/BD-8498 को रोककर जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस को बाइक में कंपनी के निर्धारित साइलेंसर की जगह मॉडिफाइड साइलेंसर लगा मिला। पुलिस जवानों ने बाइक को स्टार्ट कराकर साइलेंसर की जांच की तो उससे काफी तेज आवाज निकल रही थी। इसके अलावा साइलेंसर से चिंगारी भी निकलती दिखाई दी, जिससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। पुलिस ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आसपास के लोगों को परेशानी होती है। कई बार अचानक तेज आवाज के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो सकते हैं, जिससे सड़क हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। वहीं, साइलेंसर से निकलने वाली चिंगारी आग लगने जैसी घटनाओं का कारण भी बन सकती है।
इसके बाद यातायात पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 182(AG) के तहत वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। पुलिस टीम ने मौके पर ही अवैध साइलेंसर हटवाकर वाहन को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में ऐसे वाहन चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो नियमों की अनदेखी कर वाहनों में बदलाव कराते हैं। खासकर बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों में तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह का अवैध बदलाव न कराएं। कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही वाहन चलाएं, ताकि सड़क सुरक्षा बनी रहे और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार, बिना नंबर प्लेट और अन्य नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।