अंबिकापुर।राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम के साथ समर्थकों ने दस घंटे से अधिक समय तक बसंतपुर थाने में धरना दिया। बलरामपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार तीन युवकों के मामले की निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर मध्यरात्रि के बाद नेताम ने धरना समाप्त कर पुलिस को चेताया कि शासन-प्रशासन के दबाब में आकर एकतरफा और बदले की कार्रवाई करना बंद करें अन्यथा पुलिस के खिलाफ क्षेत्रवासियों के साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीते सोमवार को बसंतपुर थाने से वाड्रफनगर के आशीष दुबे,विकास श्रीवास और प्रियम दुबे के पास किसी प्रकरण को लेकर फोन आया।तीनों थाने पहुंचे।उनका बयान लेने के बाद पुलिस ने तीनों को त्रिकुंडा थाने भेज दिया।वहां से अदालत में पेश कर जेल दाखिल करा दिया गया।तीनों पर आरोप है कि मवेशी परिवहन करने वाले वाहन मालिक से गौ तस्करी के आरोप पर अवैध उगाही की है।थाने में अपराध दर्ज था।दो आरोपितों के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर पृथक से अपराध दर्ज था। इन दोनों मामले में इनकी गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने किया था।
नेताम गृहक्षेत्र के वाड्रफनगर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि तीन निर्दोष लोगों को पुलिस ने गंभीर धाराएं लगाकर अदालत के आदेश पर जेल भेज चुकी है। तब नेताम समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए थे।दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ धरना रात लगभग डेढ़ बजे तक चला। इस दौरान भजन -कीर्तन कर पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक सीधे नेताम के पास पहुंचे।उनसे पुलिस का पक्ष रखा।अवगत कराया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई हुई है।उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच का भरोसा दिया तब नेताम ने धरना समाप्त करने सहमति दे दी लेकिन पुलिस को चेताया कि शासन-प्रशासन के पक्ष में भाजपा-भाजयुमो से जुड़े कार्यकर्ताओ पर बदले की कार्रवाई करना बंद करे अन्यथा क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वे गौ सेवक है।समाज मे उनकी अलग प्रतिष्ठा है।पुलिस ने निरपराध लोगों को जेल भेज दिया है जो गलत है।