Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार जीआरपी के बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाईन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की ओर से विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में अभियोग पत्र पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जांच में लक्ष्मण गाईन की ज्ञात आय और खर्च के बीच लगभग 1 करोड़ 3 लाख रुपये का अंतर पाया गया है। आरोपी पहले से गांजा तस्करी से जुड़े मामले में जेल में
निरुद्ध बताया
गया है।

आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जीआरपी थाना बिलासपुर में पदस्थ रहे बर्खास्त आरक्षक लक्ष्मण गाईन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के पास ज्ञात आय से अधिक संपत्ति होने की सूचना मिलने के बाद एसीबी ने जांच शुरू की। इस दौरान उसकी संपत्ति, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और खर्च से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच के दौरान 1 दिसंबर 2024 को एसीबी की टीम ने बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी।

जांच में सामने आया करोड़ों का अंतर
प्राप्त विवरण के अनुसार, एसीबी की जांच में आरोपी की कुल आय 86 लाख 76 हजार 270 रुपये और कुल व्यय 1 करोड़ 90 लाख 9 हजार 303 रुपये 50 पैसे पाया गया।

आय-व्यय का विवरण
जांच में कुल आय₹86.76 लाख
जांच में कुल व्यय₹1.90 करोड़
आय की तुलना में अधिक व्यय₹1,03,33,033.50
ये आंकड़े उपलब्ध मामले के विवरण पर आधारित हैं। लक्ष्मण गाईन की नई चार्जशीट के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एसीबी की जांच में कथित तौर पर पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मामला अदालत में प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई है।

गांजा तस्करी मामले में भी आरोपी
लक्ष्मण गाईन का नाम इससे पहले जीआरपी के गांजा तस्करी मामले में सामने आया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, जीआरपी में पदस्थ कुछ आरक्षकों पर ट्रेनों में गांजा तस्करों को पकड़कर उनसे अवैध वसूली करने और जब्त गांजे को अन्य व्यक्तियों के जरिए बेचने के आरोप लगे थे। इस मामले में लक्ष्मण गाईन के अलावा मन्नू प्रजापति, संतोष राठौर और सौरभ नागवंशी के नाम सामने आए थे। वर्ष 2024 में चारों आरक्षकों को गिरफ्तार किया गया था।

45 बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन
पूर्व में प्रकाशित जांच संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, जीआरपी के कथित गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े करीब 45 बैंक खातों में 15 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई थी। आरोप था कि कुछ खाते रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर संचालित किए जा रहे थे। जांच में मकान, भूखंड और महंगे वाहनों से संबंधित जानकारियां भी सामने आई थीं। हालांकि, सभी खातों और लेनदेन को अकेले लक्ष्मण गाईन से जोड़ना उचित नहीं होगा।

महंगी गाड़ियां और संपत्तियां भी जांच के दायरे में
जांच संबंधी पूर्व रिपोर्टों में लक्ष्मण गाईन के पास बिलासपुर के कंचन विहार क्षेत्र में मकान, भूखंड, हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल और महंगे चारपहिया वाहन होने की जानकारी दी गई थी। पुलिस ने गांजा तस्करी मामले में आरोपियों की कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त और फ्रीज करने की कार्रवाई भी की थी।

अदालत में आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया
गांजा तस्करी मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश में भी लक्ष्मण गाईन और अन्य आरोपियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण तथा जांच से जुड़े तथ्यों का उल्लेख किया गया है। अदालत ने संबंधित जमानत याचिका खारिज की थी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभियोग पत्र दाखिल होने के बाद अदालत में साक्ष्यों का परीक्षण और आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। अभियोग पत्र दाखिल होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा।
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