आंगनबाड़ी केन्द्रों में 0-6 वर्ष के बच्चों के लिए आधार पंजीयन शिविर शुरू
छग
Durg. दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के अपंजीकृत बच्चों के लिए आधार पंजीयन शिविर मंगलवार, 27 जनवरी 2026 से प्रारंभ कर दिए गए हैं। यह कदम बच्चों के अधिकार सुनिश्चित करने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़े रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला कार्यक्रम अधिकारी जाम्बुलकर ने बताया कि प्रथम चरण में दुर्ग शहरी, भिलाई-01 एवं भिलाई-02 परियोजना क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों के संचालन में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी ने सहयोग प्रदान किया। इन शिविरों का उद्देश्य बच्चों का नवीन आधार पंजीयन सुनिश्चित करना तथा पुराने आधार विवरणों का आवश्यक अपडेट करना है।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीयन के दौरान अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का अनुरोध किया गया। आवश्यक दस्तावेजों में बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र एवं निवास प्रमाण शामिल हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि आधार पंजीयन से न केवल बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि उनके पहचान और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी सुनिश्चित होगी। मंगलवार को जिले में कुल 17 स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए। इस दौरान 267 बच्चों का नया आधार पंजीयन और 60 बच्चों के आधार विवरण में संशोधन किया गया। जिला अधिकारी ने बताया कि शिविरों का संचालन प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में पाली-पाली किया जा रहा है, ताकि सभी बच्चों का पंजीयन समयबद्ध तरीके से किया जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के पंजीयन के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सक्रिय रूप से उपस्थित हों। शिविर में पंजीकरण करने से बच्चों को भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी लाभों से सीधे लाभ मिलेगा। इसके साथ ही यह प्रयास सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने में सहायक होगा। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शिविर में उपस्थित सभी कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की गई है, ताकि पंजीयन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को समान रूप से आधार पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में चल रहे आधार पंजीयन शिविर से अनुमानित रूप से हजारों बच्चों का लाभ होगा। प्रशासन का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं से बच्चों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।