रायपुर में श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, फैली सनसनी

छग

Update: 2025-10-26 15:37 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में लगातार हो रहे हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला बोरझरा स्थित एक निजी औद्योगिक इकाई का है, जहां आज एक श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान कोरिया जिले के चिरमिरी निवासी रवि सिंह चौहान (उम्र लगभग 30 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रवि सिंह बोरझरा की एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत थे। परिजनों को कंपनी प्रबंधन की ओर से सूचना दी गई कि काम के दौरान वह गिर गए, जिससे उनकी मौत हुई। वहीं, कुछ लोगों ने बताया कि रवि के नाक से खून बहता हुआ देखा गया था, जिससे घटना की परिस्थितियों को लेकर संदेह और गहराया।

मृतक के पिता रंजीत सिंह चौहान ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रवि उनका इकलौता बेटा था। उनकी चार बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार टूट गया। पिता रंजीत सिंह, मां रीता सिंह और मृतक की पत्नी रीता सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। रवि अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों, बेटे आरो सिंह (6 वर्ष) और बेटी आरोही (3 वर्ष), को छोड़ गए हैं। परिवार ने कहा कि रवि ही घर का एकमात्र सहारा था। उनकी अचानक मौत से न केवल बुजुर्ग माता-पिता का सहारा छिन गया, बल्कि पत्नी से उनका सुहाग और बच्चों से उनके पिता भी छिन गए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतक के खिलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल रवि का पोस्टमॉर्टम अस्पताल में कराया जा रहा है।

घटना की सटीक परिस्थितियों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फैक्ट्री कर्मियों से पूछताछ के बाद ही लग पाएगा। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि उरला औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है। बीते कुछ महीनों में यहां कई मजदूरों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीण और मजदूर संगठन लगातार इस दिशा में चेतावनी दे रहे हैं कि अगर सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू नहीं किया गया तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे। श्रमिक सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक मजदूर संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष और तेज़ जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में न फंस जाए। फैक्ट्री कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने बताया कि रवि सिंह मेहनती और जिम्मेदार श्रमिक थे।

वे अपने काम में पूरी निष्ठा रखते थे और हमेशा दूसरों की मदद करने को तैयार रहते थे। उनके अचानक निधन से फैक्ट्री और क्षेत्र में काम कर रहे अन्य मजदूरों में भी भय और असुरक्षा की भावना फैल गई है। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानक और नियमों का पालन न होना लगातार ऐसे हादसों की मुख्य वजह है। उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और नियमित प्रशिक्षण की कमी लगातार मजदूरों के जीवन को खतरे में डाल रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच में फैक्ट्री के सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान और फैक्ट्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, मृतक के परिवार को मुआवजा और सामाजिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि अगर प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन ने समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं लागू किए तो उरला औद्योगिक क्षेत्र में हादसों की बढ़ती प्रवृत्ति को रोक पाना मुश्किल होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए कठोर नियमों का पालन अनिवार्य है। रवि सिंह चौहान की मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे क्षेत्र में औद्योगिक सुरक्षा और मजदूर अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन पर टिकी हैं कि वे श्रमिक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने में कितने गंभीर हैं।
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