Raipur. रायपुर। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में साहित्यिक और बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मैं भारत हूँ फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 दिसंबर को अवंती विहार स्थित एटीएम (अटल चौक) में सायं 5 बजे भव्य कवि सम्मेलन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। आयोजन को लेकर साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों में उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक कैलाश रारा एवं प्रमुख सलाहकार राजकुमार राठी ने बताया कि यह आयोजन भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को स्मरण करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि हिंदी साहित्य के सशक्त कवि और संवेदनशील विचारक भी थे, जिनकी रचनाएं आज भी युवाओं को प्रेरित करती हैं।

इस अवसर पर “आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा : भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी” विषय पर एक विचार संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज, इतिहासविद आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्रा तथा वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप जैन अपने विचार रखेंगे। वक्ता अटल जी के राजनीतिक जीवन, लोकतांत्रिक मूल्यों, विदेश नीति, सामाजिक समरसता और उनके काव्य व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम में आयोजित कवि सम्मेलन में स्थानीय एवं आमंत्रित कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से अटल जी के व्यक्तित्व, उनके विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को शब्दांजलि अर्पित करेंगे। आयोजकों के अनुसार कवि सम्मेलन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अटल जी की कविता, भाषा की सरलता और भावनात्मक गहराई से परिचित कराना है। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में आम नागरिकों, विद्यार्थियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया जाएगा और अटल जी के जीवन से जुड़े विचारों एवं उद्धरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। मैं भारत हूँ फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने राजधानीवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाएं और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करें। यह आयोजन न केवल स्मरण का अवसर होगा, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा भी देगा।
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