Raipur. रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में आज संध्या नवगठित जल बोर्ड समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने की, जबकि इसमें निगम आयुक्त विश्वदीप एवं नगर निगम जलकार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था, पाइपलाइन विस्तार, लीकेज सुधार और भविष्य की जलापूर्ति योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रभारी अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता जल नरसिंग फरेन्द्र, पदमाकर श्रीवास, प्रभारी ईई अंशुल शर्मा (जूनियर), सहायक अभियंता अनुराग पाटकर, उप अभियंता सर्वश्री योगेन्द्र साहू, शुभम तिवारी, रमेश पटेल सहित जलकार्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि राइजिंग और मेन डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की विस्तृत जानकारी संकलित कर सभी जोनों के साथ समन्वय बनाते हुए कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन वार्डों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है अथवा जहां अब तक पाइपलाइन विस्तारीकरण का कार्य नहीं हुआ है, उन सभी स्थानों का चिन्हांकन कर समय-सीमा में कार्य योजना तैयार की जाए। महापौर ने कहा कि जल बोर्ड में शामिल अभियंताओं की यह सामूहिक जिम्मेदारी होगी कि वे शहर में पानी की समस्या, पाइपलाइन विस्तार कार्य एवं पाइपलाइन लीकेज सुधार का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से पेयजल संकट को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं कि पेयजल से संबंधित कोई भी प्रस्ताव रोका नहीं जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जल बोर्ड के सभी सदस्य मॉर्निंग विजिट कर पेयजल संकट वाले चिन्हित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण करेंगे और वहां की स्थिति का अध्ययन कर फोटो के साथ रिपोर्ट साझा करेंगे। नई पाइपलाइन विस्तारीकरण योजनाओं में राइजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों के प्रस्तावों की अभियंताओं द्वारा तकनीकी जांच के बाद ही महापौर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की जांच कर 15 दिनों के भीतर
स्थायी
समाधान हेतु ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी प्लान के डिजाइनों का संकलन कर उसी अनुरूप कार्य करने तथा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि जल आपूर्ति से जुड़े सभी मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी और उन्होंने जानकारी दी कि इस विषय पर कल पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में जल संकट से निपटने के लिए त्वरित, समन्वित और दीर्घकालिक रणनीति पर जोर दिया गया।
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