बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर विश्वदीप के निर्देशानुसार जिले के पुनर्वास केंद्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 45 पुनर्वासित युवाओं के श्रमिक कार्ड बनाए गए। इससे पहले पुनर्वास केंद्र में 250 व्यक्तियों का श्रमिक पंजीयन किया जा चुका था। इस प्रकार अब तक कुल 295 व्यक्तियों को श्रम विभाग के पंजीयन से जोड़ा गया है। जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना, सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। श्रमिक पंजीयन के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
पुनर्वास केंद्र में श्रम विभाग ने लगाया विशेष जागरूकता कार्यक्रम
कलेक्टर विश्वदीप के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग के अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में श्रम निरीक्षक सोपान कर्णेवार ने श्रमिक पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक औपचारिकताओं और श्रमिक हितैषी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने युवाओं को जानकारी दी कि श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं का उद्देश्य पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। श्रमिक कार्ड के माध्यम से पात्रता और संबंधित योजना के नियमों के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में युवाओं को पंजीयन की प्रक्रिया समझाने के साथ ही शासन की योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पंजीयन होने के बाद पात्र हितग्राही संबंधित योजनाओं के तहत आवेदन कर सकते हैं।
45 नए श्रमिक कार्ड बने, कुल पंजीयन 295 पहुंचा
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की टीम ने विशेष पहल करते हुए 45 पुनर्वासित युवाओं के श्रमिक कार्ड बनाए। इससे पहले भी पुनर्वास केंद्र में 250 व्यक्तियों का श्रमिक पंजीयन किया गया था। इस प्रकार पुनर्वास केंद्र से जुड़े कुल 295 व्यक्तियों का श्रमिक पंजीयन पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि पुनर्वासित व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्रम विभाग की पहल से पंजीकृत युवाओं को अपनी पात्रता के अनुसार विभागीय योजनाओं का लाभ लेने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वे सरकारी सहायता और कल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे।
आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वासित युवाओं को केवल पुनर्वास केंद्र तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। श्रमिक पंजीयन इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। इससे पात्र युवाओं को श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। पुनर्वासित युवाओं के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को मजबूत बनाने के लिए सरकारी योजनाओं से उनका जुड़ाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से उन्हें भविष्य में आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक सहायता प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
श्रम विभाग की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के दौरान श्रम निरीक्षक सोपान कर्णेवार ने योजनाओं की जानकारी देने के साथ श्रमिक पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर विभाग की ऑपरेटर श्रद्धा चापड़ी, विकास देवांगन तथा कल्याण अधिकारी गोपाल पटेल और चेतन उपस्थित रहे। विभागीय टीम के प्रयासों से 45 पुनर्वासित युवाओं का श्रमिक कार्ड बनाया गया। जिला प्रशासन की यह पहल पुनर्वासित युवाओं को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। बीजापुर जैसे क्षेत्र में पुनर्वासित व्यक्तियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। श्रम विभाग के माध्यम से अब तक 295 व्यक्तियों का पंजीयन इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है। आने वाले समय में इन युवाओं को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ दिलाना और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना इस पहल की सफलता का महत्वपूर्ण आधार होगा।
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