जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में सामाजिक समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। राज्य में 8 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों का चयन पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है।।यह चयन 2024 भर्ती प्रक्रिया और 2025 की परीक्षा के आधार पर हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों में भूमि मानिकपुरी, खुशी ध्रुव, संजना ध्रुव सहित अन्य नाम शामिल हैं। ये विभिन्न जिलों से आते हैं, जिनमें बस्तर और कांकेर भी शामिल हैं।
किन्नर समाज ने इसे ऐतिहासिक और प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है। सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अभ्यर्थियों ने मेहनत से सफलता हासिल की। यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान और स्वीकार्यता का प्रतीक माना जा रहा है। सरकार की योजनाओं और सहयोग को भी सफलता का कारण बताया गया। पुलिस विभाग में उनकी भागीदारी सामाजिक संतुलन को मजबूत करेगी। यह उपलब्धि अन्य ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। समान अवसर की दिशा में यह एक मजबूत संदेश है।
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बीजापुर जिले में तेंदूपत्ता खरीदी इस बार तय लक्ष्य से पीछे चल रही है। 119500 मानक बोरा के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल लगभग आधी खरीदी ही हो पाई है। नक्सल समस्या में कमी के बाद इस वर्ष बेहतर खरीदी की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब तेंदूपत्ता तस्करी बड़ी बाधा बनकर सामने आई है। इसके चलते सरकारी खरीदी प्रभावित हो रही है और संग्राहकों को मिलने वाला बोनस व अन्य लाभ भी बाधित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता, जिसे ‘हरा सोना’ कहा जाता है, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं की आय का प्रमुख साधन है। सरकार इसकी खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से कर रही है, इसके बावजूद अवैध तस्करी का असर सिस्टम पर साफ दिखाई दे रहा है। तस्करी के जरिए बाहर भेजा गया तेंदूपत्ता सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाता, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे संग्राहकों तक नहीं पहुंच पाता। वन विभाग के सामने यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब तस्करी पर रोक को ही खरीदी बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने का मुख्य रास्ता माना जा रहा है।