बुजुर्ग दंपति के खाते से 40 हजार की धोखाधड़ी, केयरटेकर महिला गिरफ्तार

छग

Update: 2026-05-19 13:55 GMT
Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपति की देखरेख के लिए रखी गई महिला केयरटेकर द्वारा बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकालने का मामला सामने आया है। आरोपी महिला ने भरोसे का गलत फायदा उठाते हुए खाते से कुल 40 हजार 85 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने जांच के बाद महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना 17 मई की है जब पीड़ित परिवार ने नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि उन्होंने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल के लिए स्मिता बरगटे (44), निवासी रिसाली सेक्टर, थाना नेवई को केयरटेकर के रूप में रखा था। महिला को घर और बैंक से जुड़ी आवश्यक जानकारियां इस भरोसे के साथ दी गई थीं कि वह बुजुर्ग दंपति की देखभाल और सहायता करेगी। लेकिन इसी भरोसे का दुरुपयोग करते हुए आरोपी महिला ने बैंक खाते से पैसे निकाल लिए। जब परिवार को संदेह हुआ तो उन्होंने बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन की जांच कराई। जांच में सामने आया कि खाते से कुल 40,085 रुपये बिना अनुमति निकाले गए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी जानकारी मिली, जिससे परिवार को ठगी का पूरा शक हुआ।

इसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत नेवई पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने बैंक खाते से रकम निकालने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला को बुजुर्ग दंपति के बैंक खाते और वित्तीय जानकारी तक पहुंच थी, जिसका उसने गलत उपयोग किया। इसी जानकारी के आधार पर उसने धीरे-धीरे खाते से रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

उसके खिलाफ बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। आरोपी को 18 मई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में अक्सर घरेलू सहायिका या केयरटेकर द्वारा भरोसे का गलत फायदा उठाया जाता है। इसलिए बुजुर्गों की देखभाल के लिए रखे जाने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भी लोगों के बीच चिंता का माहौल है। कई लोगों ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए रखे जाने वाले लोगों पर भरोसा करना जरूरी होता है, लेकिन ऐसे मामलों के कारण सतर्कता भी आवश्यक हो गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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