Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के चुनाव के अंतिम परिणाम आज घोषित कर दिए गए हैं। राज्य के 25 सदस्यों का निर्वाचन पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं द्वारा किया गया। बिलासपुर से इस बार 7 सदस्य सफल हुए हैं। इन चुनावों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद का पुनः गठन किया गया है, जो अब अपने अध्यक्ष और विभिन्न कमेटियों का निर्धारण करेगा। यह परिषद राज्य के सभी अधिवक्ताओं के हितों और न्यायिक मामलों में सलाहकार के रूप में कार्य करेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में विधिज्ञ परिषद के चुनाव 10 वर्षों के बाद आयोजित किए गए। यह चुनाव सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चीफ जस्टिस छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा सुमोटो पिटीशन के तहत कराए गए थे। चुनाव प्रक्रिया में कुल 105 उम्मीदवारों ने भाग लिया। पूरे प्रदेश में लगभग 13,350 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बिलासपुर से निर्वाचित 7 सदस्यों में वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, रूपेश त्रिवेदी, प्रभाकर सिंह चंदेल, चंद्रप्रकाश जांगड़े, आलोक कुमार गुप्ता, अनिल सिंह चौहान और रवि सिंह राजपूत शामिल हैं। इनमें से आलोक कुमार गुप्ता दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं। इनके साथ ही अन्य 18 सदस्य विभिन्न जिलों से निर्वाचित हुए हैं।
निर्वाचित 25 सदस्यों में कमल किशोर पटेल, शत्रुघ्न सिंह साहू, ब्रिजेश नाथ पाण्डेय, शैलेन्द्र दुबे, रविन्द्र कुमार पाराशर, फैजल रिजवी, विवेकानन्द भोई, नरेंद्र कुमार सोनी, संतोष कुमार वर्मा, गणेश राम गुजराल, चन्द्र प्रकाश जांगड़े, अशोक कुमार तिवारी, प्रशांत तिवारी, प्रभाकर सिंह चंदेल, प्रवीन गुप्ता, उत्तम कुमार चंदेल, विराट वर्मा, अनिल कुमार गोयल, भास्कर प्रसाद साहू, जनार्दन कुमार त्रिपाठी, अनिल सिंह चौहान, रूपेश त्रिवेदी, आलोक कुमार गुप्ता, रवि सिंह राजपूत और बादशाह सिंह शामिल हैं।
निर्वाचित सदस्यों को अब परिषद के अध्यक्ष और अन्य कमेटियों का चुनाव करना है, जिससे राज्य के अधिवक्ताओं के पेशेवर हितों और न्यायिक मामलों की निगरानी सुचारू रूप से की जा सके। चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि बिलासपुर के अधिवक्ताओं का प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है और वे परिषद में अपने विचारों एवं अनुभवों के माध्यम से निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस चुनाव में राज्य भर के अधिवक्ताओं की सहभागिता और सक्रिय मतदान प्रक्रिया को लेकर न्यायपालिका और परिषद ने संतोष व्यक्त किया। अधिवक्ता परिषद अब विधिक मामलों में सलाह, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के अधिवक्ताओं की क्षमता और पेशेवर कौशल को बढ़ाने का कार्य करेगी।
विधिज्ञ परिषद का गठन और इसके सदस्यों का निर्वाचन छत्तीसगढ़ के न्यायिक ढांचे में पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही यह परिषद आगामी वर्षों में अधिवक्ताओं के पेशेवर विकास, उनके हितों की रक्षा और न्याय प्रणाली में सुधार के लिए कार्य करेगी।