नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा, भाटापारा कोर्ट का सख्त फैसला

छग

Update: 2026-04-21 15:03 GMT
Balodabazar. बलौदाबाजार। जिले के भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी मनोज साहू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण के अनुसार, पीड़िता के पिता ने थाना भाटापारा ग्रामीण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी 30 सितंबर 2024 की रात करीब 9 बजे घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने आसपास के गांवों और रिश्तेदारों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

अगले दिन 1 अक्टूबर को खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि ग्राम दतरेंगा निवासी आरोपी मनोज साहू लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया है और उसे अपनी दुकान में छुपाकर रखा है। जब परिजन वहां पहुंचे, तो लड़की आरोपी के साथ मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। उसने यह भी बताया कि आरोपी पिछले लगभग एक साल से उसे बहला-फुसलाकर शोषण कर रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को आरोपी के कब्जे से मुक्त कराया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137 के तहत 3 वर्ष और धारा 87 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पोक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने से भी दंडित किया गया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस पूरे मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर द्वारा की गई। फैसले के बाद क्षेत्र में इस निर्णय को सख्त न्याय के रूप में देखा जा रहा है।
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