NIT रायपुर में 1,364 छात्रों को डिग्री, 7 नए रिसर्च सेंटर शुरू; 60 लाख का टॉप पैकेज
दीक्षांत समारोह
रायपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के 1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 51 पदकों से सम्मानित किया गया। समारोह की एक बड़ी उपलब्धि संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत रही। दीक्षांत समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी, एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे और संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
1,364 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 51 मेडल बांटे गए
इस वर्ष एनआईटी रायपुर के कुल 1,364 विद्यार्थियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में अपनी पढ़ाई पूरी की। इनमें स्नातक के 976, स्नातकोत्तर के 283 और पीएचडी के 105 विद्यार्थी शामिल हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में बेहतरीन उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को कुल 51 पदक दिए गए। इनमें 25 स्वर्ण पदक, 25 रजत पदक और एक संस्थान स्वर्ण पदक शामिल है। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली को ओवरऑल टॉपर के सम्मान से नवाजा गया। उनकी सफलता समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।
NIT रायपुर में शुरू हुए 7 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
दीक्षांत समारोह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों पर शोध करने और उद्योगों के साथ मिलकर नई तकनीक विकसित करने के अवसर मिलेंगे। इनमें इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE), मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज तथा सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देंगे। इनकी स्थापना से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में तकनीकी अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर तैयार होंगे।
821 प्लेसमेंट ऑफर, सबसे बड़ा पैकेज 60 लाख रुपये
समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के बैच को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं। इनमें सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा।उन्होंने जानकारी दी कि एनआईटी रायपुर को टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 1201 से 1400 के समूह में स्थान मिला है। इसके अलावा संस्थान के इनक्यूबेशन से जुड़े एनआईटीआरआरएफआईई को भारत इनक्यूबेटर अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। निदेशक ने बताया कि संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से संबद्ध विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार सीखते रहने, बदलती तकनीकों को अपनाने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने की अपील की।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका: किशन रेड्डी
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि भारत के युवाओं के सामने संभावनाओं की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान का उपयोग देश की वास्तविक चुनौतियों का समाधान खोजने में करें। उन्होंने ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीकों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
महत्वपूर्ण खनिजों पर अनुसंधान जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए अभी भी आयात पर निर्भर है। इस निर्भरता को कम करने के लिए देश के तकनीकी और अनुसंधान संस्थानों को नई खोज तथा आधुनिक तकनीक के विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने एनआईटी रायपुर में सात नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम बताया। सांसद ने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों का ज्ञान प्राप्त कर उनका उपयोग राष्ट्रहित में करने की अपील की। सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने धातुकर्म और कोयला क्षेत्र में अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से कोयले की मूल्य श्रृंखला को अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। उन्होंने कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों के विकास पर भी जोर दिया।
डिग्री के साथ नई जिम्मेदारियों की शुरुआत
समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सुरेश हावरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले युवा भविष्य में इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और नेतृत्वकर्ता बनकर देश की प्रगति में योगदान देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अपने मूल विषयों के वैज्ञानिक सिद्धांतों की समझ मजबूत रखने की सलाह दी। समारोह के अंत में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।