क्यों मनाई जाती है Bakrid , क्या हैं कुर्बानी के सही नियम? मौलाना ने सबकुछ बताया

क्यों मनाई जाती है Bakrid

Update: 2025-06-05 14:25 GMT

Bettiah.बेतिया। इस्लाम के पवित्र महीने जिलहिज्जा की दसवीं तारीख को मनाई जाने वाली ईद-उल-अजहा, जिसे कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, का विशेष महत्व है। इस त्योहार का मुख्य उद्देश्य हजरत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की उस अद्भुत परीक्षा को याद करना है, जब अल्लाह ने उन्हें अपने प्यारे बेटे हजरत इस्माइल (अलैहिस्सलाम) की कुर्बानी देने का आदेश दिया था।

जब इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) अपने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए, तो अल्लाह ने उनकी ईमानदारी और त्याग को देखते हुए उन्हें अपने बेटे की जगह भेड़ की कुर्बानी देने का आदेश दिया। तब से यह त्योहार हर साल मनाया जाता है।मौलाना नजमुद्दीन अहमद कासमी ने कहा कि अल्लाह कुर्बानी तभी कबूल करता है, जब तकवा के साथ की जाए। कुर्बानी का उद्देश्य सिर्फ खून और मांस चढ़ाना नहीं है, बल्कि यह अल्लाह के प्रति ईमानदारी और भक्ति का प्रतीक है। बकरियों की बिक्री में बढ़ोतरी


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